बुधवार, 8 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र: किसानों को सहकारी समिति की सदस्यता देना होगा अनिवार्य, सरकार लाई नया विधेयक

महाराष्ट्र में किसानों को सहकारी समितियों से ऋण लेने में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। महायुति सरकार ने विधानसभा में एक ऐसा विधेयक पेश किया है जो सहकारी स

महाराष्ट्र: किसानों को सहकारी समिति की सदस्यता देना होगा अनिवार्य, सरकार लाई नया विधेयक
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र में किसानों को सहकारी समितियों से ऋण लेने में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। महायुति सरकार ने विधानसभा में एक ऐसा विधेयक पेश किया है जो सहकारी समितियों के लिए किसानों को सदस्यता देना अनिवार्य बना देगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य सहकारी ऋण ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर होने वाली राजनीतिक गुटबाजी पर लगाम लगाना है।

विज्ञापन

मंगलवार को सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम, 1960 में संशोधन का प्रस्ताव है। इस संशोधन के लागू होने के बाद, कम से कम 10 गुंठा (लगभग चौथाई एकड़) जमीन के मालिक किसी भी किसान को सहकारी समिति की सदस्यता और फसल ऋण देने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।

क्यों पड़ी इस बदलाव की ज़रूरत?

अक्सर यह देखा गया है कि स्थानीय राजनीतिक गुट सहकारी संस्थाओं पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए जानबूझकर पात्र किसानों को सदस्यता नहीं देते हैं। इससे किसानों को न केवल ऋण मिलने में दिक्कत होती है, बल्कि वे उर्वरक, बीज और कीटनाशक जैसी ज़रूरी सुविधाओं से भी वंचित रह जाते हैं। ग्राम स्तर पर प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) ही कृषि ऋण वितरण की रीढ़ होती हैं।

मौजूदा कानून (महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम, 1961 की धारा 23) के तहत, कोई भी समिति अपने अधिकार क्षेत्र के योग्य व्यक्ति को सदस्यता देने से मना नहीं कर सकती। लेकिन आवेदन अस्वीकार होने पर किसान को रजिस्ट्रार के पास अपील करनी पड़ती है, जो एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया साबित होती है। प्रस्तावित संशोधन इसी नौकरशाही देरी और उत्पीड़न को खत्म करने के लिए लाया गया है।

गैर-कृषि समितियों पर भी लगेगी लगाम

इस विधेयक में अधिनियम की धारा 44 में भी संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत, गैर-कृषि सहकारी ऋण समितियों पर अपने पंजीकृत सदस्यों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को ऋण देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि इन वित्तीय संस्थानों का लाभ केवल उनके सदस्यों को ही मिले।

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →