बुधवार, 8 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: विपक्ष ने की FIR और निष्पक्ष जांच की मांग, इस्तीफे को बताया नाकाफी

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) समेत कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया द

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: विपक्ष ने की FIR और निष्पक्ष जांच की मांग, इस्तीफे को बताया नाकाफी
(फोटो: IANS)

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) समेत कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्ष ने केवल इस्तीफों को अपर्याप्त बताते हुए दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास से भी जुड़ा है। उन्होंने इस घटना को लेकर भाजपा और मंदिर ट्रस्ट की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं।

गहन जांच और FIR की मांग

विपक्षी दलों की मुख्य मांग मामले की गहराई से जांच कराना है। दिल्ली में आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, "जब तक पूरे मामले में विधिवत एफआईआर दर्ज नहीं होती और स्वतंत्र जांच नहीं कराई जाती, तब तक कार्रवाई को प्रभावी नहीं माना जा सकता।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर वीडियो सामने न आते तो शायद इस्तीफे भी नहीं होते। वहीं, अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर हुई आर्थिक अनियमितता की जिम्मेदारी सरकार को तय करनी चाहिए और पूरे कार्यकाल की जांच होनी चाहिए।

'आस्था के साथ विश्वासघात'

विपक्षी नेताओं ने इस घटना को श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा बताया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने मुरादाबाद में कहा, "जिन लोगों ने भगवान राम के नाम पर मिली आस्था के साथ विश्वासघात किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।" उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई से बात नहीं बनेगी, बल्कि बड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। लखनऊ में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने याद दिलाया कि इस मुद्दे को सबसे पहले उनकी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उठाया था। उन्होंने कहा, "किसी भी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है।"

नैतिकता और पारदर्शिता पर सवाल

मुंबई में कांग्रेस विधायक विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने इसे नैतिक और धार्मिक दृष्टि से भी गंभीर मामला करार दिया। उन्होंने कहा, "इस मामले में शामिल लोगों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। भगवान के नाम पर एकत्र किए गए धन में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसका न्याय केवल अदालत ही नहीं, बल्कि जनता और भगवान भी करेंगे।" आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि मंदिर को मिले चंदे का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि पता चले कि किसने कितना योगदान दिया और उसका इस्तेमाल कैसे हुआ।

इनपुट: IANS

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