आंध्र प्रदेश: अल नीनो के प्रभाव से रायलसीमा में सूखे का संकट, 11 जिलों में बारिश की भारी कमी
आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र इस समय अल नीनो के कारण सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जिससे 11 जिलों में मध्यम से लेकर अत्यधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इस गंभीर हालात से निपटने के लिए राज्य
आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र इस समय अल नीनो के कारण सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जिससे 11 जिलों में मध्यम से लेकर अत्यधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इस गंभीर हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आंध्र प्रदेश की गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने ताडेपल्ली स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के मुख्यालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमजोरी और अल नीनो के प्रभाव से राज्य में उत्पन्न शुष्क मौसम की समीक्षा करना था। बैठक में पाया गया कि रायलसीमा के जिले इससे सबसे अधिक प्रभावित हैं।
सबसे ज़्यादा प्रभावित जिले
समीक्षा में सामने आया कि श्री सत्य साई, अनंतपुर और अन्नामय्या जिलों में बारिश की 'अत्यधिक कमी' है। वहीं, कुरनूल, नंदीयाल, चित्तूर, कडपा, प्रकाशम, मार्कपुरम, नेल्लोर और तिरुपति जिलों में 'मध्यम कमी' दर्ज की गई है। इस स्थिति को देखते हुए मंत्री अनीता ने अधिकारियों को सूखाग्रस्त मंडलों के किसानों को वैकल्पिक फसलों के बारे में जागरूक करने का निर्देश दिया है।
आपदा प्रबंधन की तैयारी के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने कृषि क्षेत्र पर प्रभाव, पेयजल की उपलब्धता और सूखा राहत उपायों जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसी भी तरह की जनहानि को रोकना है।
अनीता ने राज्य और जिला स्तर पर चौबीसों घंटे काम करने वाले विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पुलिस, अग्निशमन विभाग, NDRF और APSDRF टीमों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इसके अलावा, अधिकारियों को निचले इलाकों से लोगों को निकालने, पुनर्वास केंद्रों में भोजन-पानी व चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने और पेयजल व बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने के लिए योजना बनाने का भी निर्देश दिया गया।
इनपुट: IANS



