बुधवार, 8 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
धर्म

राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय ने SIT को दिए बयान में बैंक की सुरक्षा और नियमों पर उठाए गंभीर सवाल

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने विशेष जांच दल (SIT) को अपना लिखित बयान सौंप दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय ने SIT को दिए बयान में बैंक की सुरक्षा और नियमों पर उठाए गंभीर सवाल
(फोटो: IANS)

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने विशेष जांच दल (SIT) को अपना लिखित बयान सौंप दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बयान में उन्होंने दान की गिनती के लिए बनाए गए दिशा-निर्देशों, सुरक्षा व्यवस्था और बैंक की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।

विज्ञापन

चंपत राय ने अपने बयान में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अयोध्या शाखा द्वारा 5 फरवरी 2025 को जारी किए गए दान राशि गिनती संबंधी दिशा-निर्देशों से असहमति जताई है। उन्होंने दावा किया है कि इस पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं, जबकि अगस्त 2020 से जून 2026 के बीच के अन्य संबंधित दस्तावेजों पर उनके और दूसरे अधिकारियों के दस्तखत मौजूद हैं।

बैंक के सुरक्षा उपायों पर सवाल

बयान के अनुसार, चंपत राय ने कहा कि 9 फरवरी 2024 को बैंक के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) में सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रावधान थे। इसके तहत गिनती कक्ष में सीसीटीवी कैमरे, लोहे की सलाखों वाले दरवाजे और मेजों पर गिनती की व्यवस्था शामिल थी। उनका मानना है कि अगर इन सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन होता तो चोरी की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिनती कक्ष में आते-जाते समय कर्मचारियों की ठीक से तलाशी नहीं ली गई। यहां तक कि बिना जेब वाले कपड़े पहनने जैसे नियमों का भी पालन नहीं कराया गया और बैंक द्वारा दिए गए कपड़ों में भी जेबें थीं।

कर्मचारियों की नियुक्ति पर आपत्ति

चंपत राय ने दान राशि की गिनती के लिए रखे गए कर्मचारियों के चयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जिन युवकों को इस संवेदनशील काम में लगाया गया था, उनकी नियुक्ति मूल रूप से हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर हुई थी। उनके अनुसार, बैंक अपने ही बनाए सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहा, जिससे चोरी जैसी घटनाओं को मौका मिला।

गौरतलब है कि अयोध्या पुलिस और एसआईटी मिलकर इस मामले की जांच कर रही हैं। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसियां गिनती प्रक्रिया से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →