राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट के SIT गठन के फैसले पर महंत भक्तचरण दास ने कहा- अब सच सामने आएगा
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले की जांच अब एक नई विशेष जांच टीम (SIT) करेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए धार्मिक गुरु महंत भक्तचरण दास महाराज ने विश्वास…
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले की जांच अब एक नई विशेष जांच टीम (SIT) करेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए धार्मिक गुरु महंत भक्तचरण दास महाराज ने विश्वास जताया है कि इससे पूरा सच सामने आएगा और न्याय होगा। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस कदम के बाद अब "दूध का दूध और पानी का पानी" हो जाएगा।
महंत भक्तचरण दास ने कहा कि चढ़ावे की चोरी का मुद्दा धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट, अधिकारी और मुख्यमंत्री इस पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, "जिसकी भी गलती है, उसे कानून के अनुसार दंड भी मिलना चाहिए।" इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में धार्मिक कार्यों के लिए पुराने महात्माओं और संतों को नियुक्त किए जाने पर ट्रस्ट का आभार भी व्यक्त किया।
नासिक कुंभ की तैयारियां
इस बातचीत के दौरान महंत भक्तचरण दास ने 2027 में महाराष्ट्र के नासिक में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उनका कपिलधारा स्वर्गाश्रम ट्रस्ट हर कुंभ में साधु-संतों और अखाड़ों के लिए 'पर्व स्नान' का आयोजन करता है। इस बार के लिए तीनों अखाड़ों की ओर से 27 अगस्त को पर्व स्नान की जानकारी फलाहारी बाबा को दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर शासन-प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है और मंत्री छगन भुजबल से भी बातचीत हुई है। भुजबल ने आश्वासन दिया है कि कुंभ शुरू होने से पहले सभी अधूरे काम पूरे कर लिए जाएंगे। महंत ने नासिक को विकसित करने और संतों के लिए व्यवस्था करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और सरकार को धन्यवाद दिया। कुंभ मेले की शुरुआत 2026 के आखिरी महीनों में होगी, जबकि मुख्य अमृत स्नान 2027 में होंगे और इसका समापन 24 जुलाई 2028 को होगा।
इनपुट: IANS



