भारतीयों के लिए अमेरिकी वीज़ा का इंतज़ार सबसे लंबा क्यों? सरकारी ऑडिट में हुआ खुलासा
अगर आप अमेरिका जाने के लिए विज़िटर वीज़ा का आवेदन कर रहे हैं, तो आपको लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है। एक अमेरिकी सरकारी ऑडिट रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि पिछले साल भारतीयों को वीज़ा इंटरव्यू के…
अगर आप अमेरिका जाने के लिए विज़िटर वीज़ा का आवेदन कर रहे हैं, तो आपको लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है। एक अमेरिकी सरकारी ऑडिट रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि पिछले साल भारतीयों को वीज़ा इंटरव्यू के लिए औसतन 346 दिन तक इंतज़ार करना पड़ा, जो दूसरे बड़े देशों के मुकाबले कहीं ज़्यादा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस (जीओए) द्वारा की गई यह ऑडिट रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई।
रिपोर्ट में इस लंबी देरी की मुख्य वजह आवेदनों की भारी संख्या और उसके मुकाबले कांसुलर अधिकारियों की कमी को बताया गया है। वित्त वर्ष 2025 में भारत से लगभग 14,55,255 लोगों ने नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा के लिए आवेदन किया, जबकि इन आवेदनों को संसाधित करने के लिए सिर्फ 68 कांसुलर अधिकारी ही तैनात थे। इसका मतलब है कि हर अधिकारी पर औसतन 21,401 आवेदनों का बोझ था।
अन्य देशों के मुकाबले भारत की स्थिति
ऑडिट में भारत की तुलना अन्य देशों से भी की गई है, जहाँ स्थिति काफी बेहतर है। चीन में विज़िटर वीज़ा इंटरव्यू के लिए औसतन 34 दिन और ब्राज़ील में 32 दिन का इंतज़ार करना पड़ा। मेक्सिको में प्रति अधिकारी आवेदनों का बोझ भारत के बराबर होने के बावजूद वहाँ इंतज़ार का समय 283 दिन था। सबसे ज़्यादा इंतज़ार वाले 10 देशों की सूची में भारत सातवें स्थान पर था।
वीज़ा प्रक्रिया में देरी के अन्य कारण
अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने माना है कि महामारी के बाद आवेदनों की मांग में ज़बरदस्त उछाल आया है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण बैकलॉग खत्म नहीं हो पा रहा है। नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में जगह की कमी भी एक बड़ी समस्या है। ऑडिट टीम ने पाया कि ज़रूरत के हिसाब से इंटरव्यू विंडो कम थीं, जिसके चलते सैकड़ों लोग दूतावास के बाहर इंतज़ार करते देखे गए।
इसके अलावा, रिपोर्ट में कुछ पेड वीज़ा एजेंटों की भूमिका का भी ज़िक्र है, जो स्लॉट खाली होते ही उन्हें बुक करके ग्राहकों को बेच देते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए विदेश विभाग ने अपने शेड्यूलिंग सिस्टम में बदलाव भी किए हैं।
इंतज़ार कम करने के प्रयास
अमेरिकी विदेश विभाग इस बैकलॉग को कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है। वित्त वर्ष 2024 में, वाशिंगटन स्थित एक यूनिट ने नई दिल्ली के 80.6% ऐसे विज़िटर वीज़ा आवेदनों को दूर से ही मंज़ूरी दे दी, जिनमें इंटरव्यू की आवश्यकता नहीं थी। इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली में स्टाफ ने आवेदनों को तेज़ी से निपटाने के लिए अतिरिक्त शनिवार को भी काम किया।
इनपुट: IANS



