गरबा पंडालों में सिर्फ हिंदुओं को मिले प्रवेश, पहचान पत्र और तिलक अनिवार्य हो: विश्व हिंदू परिषद
नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने एक बड़ी मांग रखी है। संगठन का कहना है कि गरबा पंडाल पूरी तरह से एक धार्मिक आयोजन हैं, इसलिए इनमें केवल हिंदू धर्म में…
नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने एक बड़ी मांग रखी है। संगठन का कहना है कि गरबा पंडाल पूरी तरह से एक धार्मिक आयोजन हैं, इसलिए इनमें केवल हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों को ही प्रवेश मिलना चाहिए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने आयोजकों से अपील की है कि वे प्रवेश द्वार पर ही लोगों की पहचान की जांच करें।
नायर ने यह भी सुझाव दिया कि पंडालों में आने वाले लोगों के लिए तिलक लगाना और कलाई पर कलावा बांधना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जो गैर-हिंदू, हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखते हैं, उन्हें पहले हिंदू धर्म अपनाना चाहिए, तभी उन्हें ऐसे आयोजनों में शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए।
विहिप और बजरंग दल की निगरानी
श्रीराज नायर ने स्पष्ट किया कि विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता गरबा आयोजनों पर अपनी नज़र बनाए रखेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आयोजकों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने पिछले साल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहचान पत्र की जांच, तिलक और कलावा जैसी व्यवस्थाओं के कारण गरबा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए थे।
पहचान छिपाकर प्रवेश करने पर चेतावनी
जब उनसे पूछा गया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर या जबरन पंडाल में घुसने की कोशिश करता है तो क्या होगा, तो नायर ने कहा कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले पुलिस की मदद ली जानी चाहिए और कानून का पालन करना सर्वोपरि है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि जबरन प्रवेश की कोशिश करने वालों को 'बजरंग दल स्टाइल' में जवाब दिया जाएगा, लेकिन साथ ही कार्यकर्ताओं को पहले पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। विहिप प्रवक्ता ने आयोजकों से पंडालों में भगवान वराह के कटआउट लगाने की भी अपील की है।
इनपुट: IANS



