गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक: चढ़ावा चोरी, खाली पदों और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है, जिसमें मंदिर प्रशासन से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS से…

राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक: चढ़ावा चोरी, खाली पदों और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा
(फोटो: IANS)

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है, जिसमें मंदिर प्रशासन से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक के एजेंडे में रामलला को चढ़ाए गए दान की कथित चोरी, ट्रस्ट में खाली पड़े पदों को भरने और कामकाज में पारदर्शिता जैसे विषय शामिल हैं।

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ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने बताया कि बैठक में सबसे पहले रामलला के स्थान पर हुई कथित चोरी के मामले पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों को भरने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ट्रस्ट में नियुक्त होने वाले किसी भी व्यक्ति का चरित्र बेदाग होना चाहिए और वह किसी भी तरह की धोखाधड़ी या आपराधिक गतिविधि में लिप्त न हो।

खाली पदों पर नियुक्ति और पारदर्शिता की शर्त

जब महंत दिनेंद्र दास से यह पूछा गया कि क्या पिछली बैठक में कार्यवाहक महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन को ही स्थायी किया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी कुछ तय नहीं है। उन्होंने कहा, "जो भी इस पद पर आए, उसका चरित्र साफ हो... और वह ट्रस्ट के कामकाज का पूरा हिसाब समाज के सामने रखे।" उनके अनुसार, रामलला के प्रति आस्था रखने वाला और ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने वाला व्यक्ति ही इस पद के लिए उपयुक्त होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के कार्यों और आर्थिक मामलों की जानकारी समय-समय पर समाज को देना सबसे ज़रूरी है।

CEO की नियुक्ति पर असहमति

ट्रस्ट में एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के सवाल पर महंत दिनेंद्र दास ने अपनी निजी राय रखते हुए कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, "मेरे लिए सबसे पहले भगवान रामलला हैं... मंदिर में सुरक्षा और व्यवस्था पहले से मौजूद है।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के सभी सदस्यों की सहमति से ही लिया जाएगा।

पूर्व पक्षकार ने भी रखी अपनी बात

इस बीच, राम जन्मभूमि मामले के पूर्व पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी इस बैठक को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में नए लोगों का स्वागत किया जाना चाहिए और अयोध्या के स्थानीय लोगों पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली गलतियों में सुधार की आवश्यकता है। मंदिर के धन के कथित दुरुपयोग पर उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का दान आस्था से जुड़ा है और इसका उपयोग केवल धार्मिक और जनकल्याण के कार्यों में होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अगर किसी ने धन का गलत इस्तेमाल किया है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

इनपुट: IANS

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News4Social धर्म-संस्कृति डेस्क

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