राजस्थान निकाय चुनाव में जीत को BJP ने बताया सरकार के काम पर मुहर, अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
सोमवार को जयपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने हाल ही में हुए राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की जीत को राज्य सरकार के काम पर जनता का स्पष्ट समर्थन बताया है…
सोमवार को जयपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने हाल ही में हुए राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की जीत को राज्य सरकार के काम पर जनता का स्पष्ट समर्थन बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 32 महीनों में मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के कार्यों को इस जीत के रूप में समर्थन मिला है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस जीत पर खुशी जाहिर की।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने गंभीर कदम उठाए हैं और जिम्मेदारी से काम किया है, जिसके चलते लोगों ने स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा का समर्थन किया। उन्होंने इस जीत की तुलना दिल्ली और पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में मिली सफलता से भी की, जहाँ भाजपा की छात्र इकाई ABVP को बड़ी जीत मिली।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला
इस दौरान अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "'झूठ की गूंज' वालों को न सिर्फ एक जगह बल्कि कई जगहों पर चोट चली है।" उन्होंने छात्र संघ चुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को लगातार झूठ बोलने वालों के लिए एक करारा जवाब बताया।
ठाकुर ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चुनाव हारने पर या तो चुनाव आयोग पर आरोप लगाती है या EVM पर, और जब कुछ काम नहीं आता तो पैसे के बल पर हेराफेरी का आरोप मढ़ देती है।
महिला सम्मान और आरक्षण पर भी घेरा
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के संस्कारों पर सवाल उठाते हुए कहा, "पहले हमें लगता था कि सिर्फ कांग्रेस का प्रदर्शन खराब जा रहा है, लेकिन अब इनके संस्कार भी पता चल रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के मंच पर एक बुजुर्ग महिला का मजाक उड़ाया गया, जो कांग्रेस की महिलाओं के प्रति सोच को दर्शाता है।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों का भी जिक्र किया। महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिले, इसीलिए पिछले सत्र में सदन नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका हक़ दिलाने के लिए जल्द से जल्द सत्र बुलाया जाना चाहिए।
इनपुट: IANS



