जोधपुर: कारोबारी पर हमले की फिराक में थे लॉरेंस गैंग के दो शूटर, AGTF ने ऑपरेशन चलाकर पकड़ा
राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने जोधपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्प-शूटर्स को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों…
राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने जोधपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्प-शूटर्स को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों पंजाब से मारवाड़ के एक बड़े व्यवसायी पर हमला करने के इरादे से आए थे और उन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित था।
एजीटीएफ के एडीजी दिनेश एम.एन. ने बताया कि इंटेलिजेंस से मिली पुख्ता जानकारी के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया। सूचना थी कि पंजाब में दो कारोबारियों की हत्या के आरोपी ये शूटर जोधपुर में छिपे हुए हैं और एक स्थानीय बिजनेसमैन को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से इन्हें धर दबोचा गया।
कौन हैं गिरफ्तार शूटर?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फाजिल्का निवासी जसकरण सिंह उर्फ करण, सनी और कट्टा तथा अबोहर के रहने वाले राजिंदर उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। पंजाब पुलिस ने इन दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। जसकरण और राजिंदर कथित तौर पर अबोहर के कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा और फाजिल्का के साहिल सेन की हत्या के मामलों में वॉन्टेड थे।
जांच अधिकारियों को शक है कि ये हत्याएं लॉरेंस गैंग के इशारे पर रंगदारी वसूलने के लिए की गई थीं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने भी यह बात स्वीकार की है कि वे जोधपुर एक बड़े कारोबारी को निशाना बनाने आए थे।
नेपाल में लेते थे पनाह
जांच में यह भी सामने आया है कि ये दोनों शूटर अपराध को अंजाम देने के बाद अक्सर नेपाल भाग जाते थे। जब गैंग से अगला टारगेट मिलता था, तो वे वापस भारत आ जाते थे। गैंग के कई सदस्यों के जेल में होने के कारण इन्हें काफी अहम माना जा रहा था। एजीटीएफ के अनुसार, एएसपी सिद्धांत शर्मा, डिप्टी एसपी रवींद्र प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़ व रामसिंह नथावत की टीमों ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
फिलहाल, एजीटीएफ इस बात की जांच कर रही है कि उनका निशाना कौन था, हमले के पीछे की वजह क्या थी और इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इनपुट: IANS



