सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भरतपुर निकाय चुनाव: 152 वार्डों में निर्दलीय विजयी, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से दूर

राजस्थान के भरतपुर जिले में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने सभी राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। जिले की एक नगर निगम और 6 नगर पालिकाओं के कुल 235 वार्डों में से 152 पर निर्दलीय उम्मीदवारों…

भरतपुर निकाय चुनाव: 152 वार्डों में निर्दलीय विजयी, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से दूर
(फोटो: IANS)

राजस्थान के भरतपुर जिले में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने सभी राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। जिले की एक नगर निगम और 6 नगर पालिकाओं के कुल 235 वार्डों में से 152 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 66 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन वह भी बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है।

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इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा और उसे सिर्फ 15 सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं, बसपा और आरएलपी को एक-एक सीट मिली। जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के तहत सभी निकाय मुख्यालयों पर मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण अब भरतपुर नगर निगम समेत सभी नगर पालिकाओं में बोर्ड बनाने की चाबी निर्दलीय पार्षदों के हाथ में आ गई है।

भरतपुर नगर निगम में भी निर्दलीयों का दबदबा

जिले के सबसे महत्वपूर्ण भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में भी निर्दलीय ही हावी रहे। यहां 36 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीते, जबकि भाजपा को 20, कांग्रेस को 7, बसपा को 1 और आरएलपी को 1 सीट मिली। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई है, लेकिन मेयर बनाने और बोर्ड का गठन करने के लिए उसे निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। निगम में जीतने वाले कुछ प्रमुख निर्दलीय उम्मीदवारों में वार्ड 1 से करण सिंह, 2 से अम्बिका सैनी, 3 से आकाश निराला और 4 से अरविन्द शामिल हैं।

नगर पालिकाओं में क्या रहे नतीजे?

भुसावर और नदबई: निर्दलीयों का सबसे ज्यादा दबदबा भुसावर नगर पालिका में दिखा, जहां 25 में से 22 वार्डों पर उन्होंने जीत दर्ज की। यहां भाजपा को 2 और कांग्रेस को 1 सीट मिली। वहीं, नदबई नगर पालिका की 35 सीटों में से 25 पर निर्दलीय और 10 पर भाजपा जीती, जबकि कांग्रेस यहां अपना खाता भी नहीं खोल पाई।

वैर, बयाना, रूपवास और उच्चैन: वैर की 25 सीटों में से 20 पर निर्दलीय जीते। बयाना की 35 में से 22 सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे। रूपवास की 25 में से 14 और उच्चैन की 25 में से 13 सीटों पर भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने परचम लहराया। इन सभी नगर पालिकाओं में भाजपा और कांग्रेस निर्दलीयों से काफी पीछे रह गईं। अब अध्यक्ष पद के लिए सभी दलों में जोड़-तोड़ की राजनीति तेज होने की संभावना है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजस्थान डेस्क

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