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दिल्ली: पिता ने कचरे के डब्बे में फेंक दिया नवजात बच्ची का शव

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घर में जब कोई नया मेहमान आता है. महीनों से उसके स्वागत के लिए खुशियां मनायी जाती हैं. पहले तो हमारे देश में लड़की के पैदा होने पर शोक मनाने वालों की संख्या बड़ी तादाद में थी. लेकिन समय के प्रभाव और सरकार के सख्त नियमों के चलते लड़की जात भी काफ़ी हद तक लड़कों के बराबरी कर रही है. कुछ दिन तक लड़कियों की हत्या वाला मामला शांत था. लेकिन दिल्ली से एक नवजात के पैदा होते ही उसे कचरे के डब्बे में फेंकने की खबर सामने आ रही है.

पुलिस ने की नवजात के पिता से पूछताछ

देश की राजधानी दिल्ली में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है.  एक पिता ने अपनी नवजात बच्ची का सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे कचरे के डब्बे में फेंक दिया गया. यह मामला सफदरजंग हॉस्पिटल का है. बच्ची का शव सोमवार (29 जनवरी) को बरामद किया गया. सूचना मिलते ही पुलिस ने फौरन छानबीन करनी शुरू की. पुलिस ने बच्ची को लेकर उसके पिता से पूछताछ की. पिता ने पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी दी. पिता के अनुसार उसकी पत्नी ने मरी हुई बच्ची को जन्म दिया था, जिसके बाद उसने नवजात के शव को कचरे के डब्बे में फेंक दिया. पुलिस को दियी गए बयानों के आधार पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि बच्ची का जन्म समयपूर्व हुआ था.

पिता ने कहीं खुद ही किसी घृणा के चलते नवजात को पैदा होते ही मार तो नहीं दिया? पूरा मामला आखिर क्या है इस बात पर जांच अभी जारी है.

सोशल मीडिया पर भड़के लोग

सोशल मीडिया पर लोगों ने इसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. अजय मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने ट्वीट किया कि, ‘निश्चित तौर पर यह गलत है.’ ‘हे भगवान! मानव जीवन के लिए कोई सम्मान नहीं है? नवजात के शव को कचरे के डब्बे में फेंक दिया गया? जानवर भी इससे ज्यादा सम्मान दिखता है.

पिछ्ले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार के साथ ही स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. इसके बावजूद हर साल बड़ी तादाद में नवजात की मौत होती है. पिछले साल ‘लांसेट’ नाम की वेबसाइट में एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें वर्ष 2000-2015 के बीच भारत द्वारा इस क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने की बात सामने आई थी. गौरतलब है कि तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र की स्थिति में सबसे ज़्यादा सुधार हुआ था.

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