भारत और जर्मनी ने AI, क्लीन एनर्जी समेत कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर की चर्चा
भारत और जर्मनी आपसी व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री…
भारत और जर्मनी आपसी व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी से आए एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन एनर्जी और फार्मा जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशना था।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हेसन राज्य के मंत्री-अध्यक्ष बोरिस राइन और फेडरल व यूरोपियन मामलों के मंत्री मैनफ्रेड पेंट्ज कर रहे थे। उनके साथ जर्मनी की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पीयूष गोयल ने इसे एक 'बेहतरीन बातचीत' बताया।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
इस अहम बैठक में दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन एनर्जी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, डीप-टेक और स्किलिंग (कौशल विकास) जैसे क्षेत्र शामिल हैं। पीयूष गोयल ने कहा, "हमने इन क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशे हैं।"
मुक्त व्यापार समझौते से मिलेंगे नए अवसर
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जर्मनी के हेसन राज्य के बीच पहले से ही मजबूत आपसी तालमेल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से पैदा होने वाले नए मौकों का लाभ उठाकर इस साझेदारी को और भी गहरा किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में भी गोयल ने वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिनसे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्राथमिकता के आधार पर पहुंच मिल रही है। गोयल ने विश्वास जताया कि भारत की अर्थव्यवस्था, जो वर्तमान में लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की है, 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी।
इनपुट: IANS



