IPS अधिकारी की माँ की संदिग्ध मौत: सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, सत्याग्रह की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में एक आईपीएस अधिकारी की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते…
उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में एक आईपीएस अधिकारी की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन को 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का अल्टीमेटम दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय-सीमा में सच्चाई सामने नहीं आई तो वह सत्याग्रह शुरू करेंगे।
यह घटना आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की माँ से जुड़ी है, जिनकी संदिग्ध मौत के बाद उनके बेटे ने हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। अवधेश प्रसाद ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह किसी दूर-दराज के इलाके में नहीं, बल्कि एक सामान्य आबादी वाले क्षेत्र में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर के बावजूद स्थानीय पुलिस मामले को अलग तरह से पेश कर रही है, जिससे इलाके में डर और घबराहट का माहौल है। सपा सांसद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर चुके हैं और मौके का जायजा भी लिया है।
विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस मामले पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यूपी के जिला अंबेडकरनगर में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा के लगभग 91 वर्षीय बुजुर्ग माता की हुई हत्या अति-दुखद तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था के हिसाब से अति-चिंतनीय।" मायावती ने आगे सवाल उठाया, "ऐसी घटना को लेकर लोगों की यह आशंका वाजिब है कि जब हत्या जैसी जघन्य घटना पुलिस अधिकारी के परिवार के साथ हो सकती है तो आमजन की सुरक्षा का क्या होगा?" उन्होंने सरकार से मामले का उचित संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी सरकार को घेरा
इस मौके पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हमने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले को लगातार सदन में उठाया है और प्रधानमंत्री से भी जवाब मांगा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं से भगवान राम की नगरी अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और सरकार अपने लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।
इनपुट: IANS



