जालंधर के पास्टर अंकुर नरूला पर ईडी का शिकंजा, कोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट दाखिल
जालंधर स्थित 'चर्च ऑफ साइन्स एंड वंडर्स' के संचालक पास्टर अंकुर नरूला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में अदालत में एक सीलबंद लिफाफे में अपनी…
जालंधर स्थित 'चर्च ऑफ साइन्स एंड वंडर्स' के संचालक पास्टर अंकुर नरूला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में अदालत में एक सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नरूला पर चमत्कार के नाम पर लोगों को गुमराह करने से लेकर वित्तीय अनियमितताओं तक के गंभीर आरोप हैं।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंकाओं के चलते यह जांच शुरू की थी। आरोपों में विदेशी मिशनरियों को टूरिस्ट वीजा पर भारत बुलाकर धार्मिक गतिविधियों में शामिल करना भी है, जिसे विदेशी अधिनियम 1946 का उल्लंघन माना गया है। इसके अलावा, नरूला की संस्था पर बिना FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) पंजीकरण के विदेशी चंदा लेने और बिना जीएसटी बिल के अभिषेक तेल व घड़ियां बेचने का भी आरोप है।
कई एजेंसियां कर रहीं जांच
इस मामले की जांच सिर्फ ईडी तक सीमित नहीं है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भी नरूला पर लगे आरोपों की पड़ताल कर रही है। अदालत ने सीबीआई को भी निर्देश दिया है कि वह अपनी जांच रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में ही जमा करे। साथ ही, कोर्ट ने सख्ती से हिदायत दी है कि इस स्तर पर मामले से जुड़ा कोई भी पक्ष मीडिया से किसी तरह की जानकारी साझा नहीं करेगा। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है।
कौन हैं अंकुर नरूला?
अंकुर नरूला जालंधर-नकोदर रोड पर स्थित खाम्बरा गांव में पेंटेकोस्टल चर्च के तहत 'चर्च ऑफ साइन्स एंड वंडर्स' चलाते हैं। एक हिंदू खत्री परिवार में जन्मे नरूला ने अपने परिवार का मार्बल और टाइल्स का व्यवसाय छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। उन्होंने साल 2008 में इस चर्च की स्थापना की थी।
इनपुट: IANS



