भारत-जापान संबंध: पहली दिल्ली यात्रा पर PM साने ताकाइची, मोदी के साथ शिखर सम्मेलन में होंगी शामिल
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची अपनी पहली भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंच गई हैं। इस तीन दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के साझा प्रयास हिंद-प
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची अपनी पहली भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंच गई हैं। इस तीन दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के साझा प्रयास हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया में शांति व समृद्धि को बढ़ावा देंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह दौरा भारत और जापान के बीच 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अपनी यात्रा को लेकर उत्साह जताते हुए जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मैं भारत की राजधानी दिल्ली पहुंच गई हूं।" उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के तौर पर यह लगभग तीन साल में और व्यक्तिगत रूप से यह उनकी पहली भारत यात्रा है।
वार्ता के मुख्य एजेंडे
गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी और ताकाइची के बीच उच्च स्तरीय वार्ता प्रस्तावित है। इस बातचीत के दौरान आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा भी एजेंडे में शामिल हैं। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारा मकसद मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए जापान और भारत के बीच स्ट्रैटेजिक सहयोग को और गहरा करना है।"
प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने भी 'एक्स' पर ताकाइची का स्वागत करते हुए लिखा, "भारत में आपका बहुत-बहुत स्वागत है, प्रधानमंत्री साने ताकाइची। हमें आपके पहले भारत दौरे पर आपकी मेजबानी करके बहुत खुशी हो रही है।" उन्होंने आगे कहा कि वह गुरुवार को होने वाली बातचीत का इंतजार कर रहे हैं ताकि भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहरा किया जा सके।
दोनों नेता 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। ताकाइची ने विश्वास जताया कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलेगी और एक मजबूत आर्थिक साझेदारी का निर्माण होगा।
इनपुट: IANS



