आंध्र प्रदेश शिक्षक भर्ती: YSRCP ने संसद में उठाया गड़बड़ी का मुद्दा, स्वतंत्र जांच की मांग
आंध्र प्रदेश में 16,000 से अधिक शिक्षक पदों के लिए चल रही 'मेगा डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी-2025' (मेगा डीएससी) भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। वाईएसआर कांग्रेस…
आंध्र प्रदेश में 16,000 से अधिक शिक्षक पदों के लिए चल रही 'मेगा डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी-2025' (मेगा डीएससी) भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के दो सांसदों ने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पेश कर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से साढ़े तीन लाख से अधिक उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
तिरूपति से लोकसभा सांसद मड्डिला गुरुमूर्ति ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जबकि राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया। श्री रेड्डी ने NEET परीक्षा से प्रभावित 22.79 लाख छात्रों के मुद्दे पर हुई संसदीय चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के 3.5 लाख उम्मीदवारों की चिंताओं पर भी इसी तरह राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान देने की तत्काल आवश्यकता है।
क्या हैं भर्ती प्रक्रिया पर लगे आरोप?
YSRCP द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, सांसदों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, हेरफेर और कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। प्रमुख आरोपों में गोपनीय कार्यों के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों का इस्तेमाल, मेरिट और रोस्टर सूची जारी न करना, और प्रमाणपत्र सत्यापन के बाद उम्मीदवारों को बाहर करना शामिल है। इसके अलावा, खेल कोटा नीति में बदलाव, पेपर लीक की आशंका और पैसे लेकर भर्ती करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
इन मुद्दों को उठाते हुए, पार्टी ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में एक समयबद्ध स्वतंत्र जांच कराना, डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखना और वास्तविक उम्मीदवारों के हितों की रक्षा करना शामिल है। सांसदों ने भविष्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी जोर दिया।
यह मामला पिछले महीने भी चर्चा में आया था, जब पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार पर घोटालों के जरिए योग्य उम्मीदवारों के भविष्य को नुकसान पहुंचाने और लाखों उम्मीदवारों के भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया था।
इनपुट: IANS



