शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अपराध

पुणे पुलिस का 'ऑपरेशन म्यूल हंट': साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 152 लोग गिरफ्तार

साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल बैंक खातों' के खिलाफ पुणे पुलिस ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'ऑपरेशन म्यूल…

पुणे पुलिस का 'ऑपरेशन म्यूल हंट': साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 152 लोग गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल बैंक खातों' के खिलाफ पुणे पुलिस ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'ऑपरेशन म्यूल हंट' नाम की इस कार्रवाई में अब तक 152 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह अभियान पुणे पुलिस और महाराष्ट्र साइबर के संयुक्त समन्वय से चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर ठगों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

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पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी ठगी से जुटाई गई रकम को छिपाने और एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए इन म्यूल खातों का इस्तेमाल करते हैं। इसी नेटवर्क पर प्रहार करने के लिए पुणे पुलिस ने अब तक 132 म्यूल खाताधारकों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। गिरफ्तारियां पुणे, मुंबई, नवी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर समेत अन्य राज्यों से भी की गई हैं। कई मामलों में अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिए गए हैं।

कानूनी कार्रवाई और जांच का दायरा

इस अभियान के तहत पुलिस ने समन्वय पोर्टल के जरिए दूसरे राज्यों से मिले 1,705 नोटिसों पर कार्रवाई की है। इसके साथ ही, पुणे से भी अन्य राज्यों के म्यूल खाताधारकों को 2,099 नोटिस भेजे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच में बैंक लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन जैसे तकनीकी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो लोग पैसे या किसी अन्य लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड जैसे दस्तावेज साइबर अपराधियों को देते हैं, उन्हें भी सह-आरोपी बनाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील

पुणे पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, आधार या पैन कार्ड साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी को साइबर अपराधियों की मदद करने वालों के बारे में पता चलता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस ने 2026 में शहर में 1,142 कार्यक्रम आयोजित किए, जिससे करीब तीन लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। इसके अलावा, स्कूलों, कॉलेजों और हाउसिंग सोसायटियों में भी 'कैंपस कनेक्ट सेफ होराइजन' अभियान चलाया जा रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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