शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दिल्ली

दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' की कामयाबी, एक महीने में 80 लापता लोग अपनों से मिले

दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले में 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सितंबर के महीने में पुलिस ने 80 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया है, जिनमें बच्चे और…

दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' की कामयाबी, एक महीने में 80 लापता लोग अपनों से मिले
(फोटो: IANS)

दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले में 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सितंबर के महीने में पुलिस ने 80 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया है, जिनमें बच्चे और वयस्क दोनों शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष अभियान के जरिए पुलिस की टीमों ने कई साल पहले लापता हुए लोगों को भी खोजने में सफलता पाई है।

विज्ञापन

दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) अमित गोयल ने बताया कि 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए इस अभियान में 22 नाबालिगों और 58 वयस्कों को बरामद किया गया। यह सफलता सिर्फ एक महीने तक सीमित नहीं है। इस साल की शुरुआत से अब तक, यानी 1 जनवरी से 30 सितंबर तक, जिले की पुलिस कुल 1,229 लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलवा चुकी है। इनमें 318 बच्चे और 911 वयस्क शामिल हैं।

कैसे काम करता है 'ऑपरेशन मिलाप'?

जैसे ही किसी के लापता होने की सूचना मिलती है, स्थानीय पुलिस थाने तुरंत हरकत में आ जाते हैं। पुलिस की टीमें तलाशी अभियान के लिए एक बहुआयामी रणनीति अपनाती हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर पूछताछ करना, सीसीटीवी फुटेज खंगालना और सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड पर लापता व्यक्ति की तस्वीरें लगाना शामिल है। इसके अलावा, बस ड्राइवरों, कंडक्टरों, वेंडरों से जानकारी जुटाई जाती है और स्थानीय मुखबिरों से भी मदद ली जाती है। साथ ही, आस-पास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच की जाती है।

थानावार प्रदर्शन और पुरानी फाइलें भी सुलझीं

सितंबर महीने में जिले के लगभग सभी थानों ने इस अभियान में योगदान दिया। कापसहेड़ा थाने ने 5 नाबालिग लड़कियों और 11 वयस्कों को, जबकि सागरपुर थाने ने 12 वयस्कों को बरामद किया। इसी तरह पालम विलेज, वसंत कुंज साउथ और सरोजिनी नगर थानों ने भी कई लोगों को ढूंढ निकाला। एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने भी 5 बच्चों और 5 वयस्कों को खोजा।

इस अभियान की एक खास बात यह भी रही कि पुलिस ने सालों पुराने मामलों को भी सुलझाया। बरामद किए गए लोगों में एक व्यक्ति 2021 से, एक नाबालिग लड़का 2024 से और दो वयस्क 2025 से लापता थे। इन सभी को सफलतापूर्वक उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।

इनपुट: IANS

N

News4Social दिल्ली डेस्क

News4Social दिल्ली डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से दिल्ली और एनसीआर से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →