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दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0': 21 राज्यों में 916 साइबर आरोपी गिरफ्तार, 700 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत 16-17 जून 2026 को 21 राज्यों में छापेमारी कर 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। 715 से अधिक टीमों और 2,500 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अभियान में करीब 700 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ। पूर्व सांसद नरेश गुजराल से 7.8 करोड़ की कथित ठगी का मामला भी सामने आया।

दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0': 21 राज्यों में 916 साइबर आरोपी गिरफ्तार, 700 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश
AI जनित प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। देशभर में फैले साइबर ठगी के जाल पर दिल्ली पुलिस ने बड़ी दबिश दी है। पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत 21 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 916 साइबर अपराधियों (आरोपियों) को गिरफ्तार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस व्यापक अभियान के दौरान करीब 700 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामलों का खुलासा हुआ है, जिससे पुलिस महकमे से लेकर पीड़ितों तक हड़कंप मच गया।

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दो दिन चला देशव्यापी अभियान

मिली जानकारी के मुताबिक यह अभियान 16 और 17 जून 2026 को संचालित किया गया। पुलिस के अनुसार ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले 31 मई 2026 तक उपलब्ध साइबर अपराध डेटा का गहन विश्लेषण किया गया, ताकि संदिग्धों की पहचान और उनके ठिकानों तक पहुंचा जा सके। इस सटीक रणनीति के बूते एक साथ कई राज्यों में दबिश दी जा सकी।

अभियान के पैमाने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारी संख्या में पुलिस बल झोंका गया। एक रिपोर्ट के अनुसार:

  • 715 से अधिक पुलिस टीमें इस कार्रवाई में शामिल रहीं।
  • करीब ढाई हजार (2,500) कर्मचारी अभियान में जुटे।
  • कुल 21 राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई।
  • इस दौरान 916 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

पूर्व सांसद नरेश गुजराल से ठगी का मामला सामने

इस अभियान के दौरान एक हाई-प्रोफाइल मामला भी सुर्खियों में आया। पुलिस के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ WhatsApp के जरिए कथित तौर पर 7.8 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया। यह घटना इस बात का संकेत है कि साइबर ठग अब बड़े और प्रभावशाली लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं।

IFSO यूनिट की निगरानी में कार्रवाई

पूरे ऑपरेशन की कमान दिल्ली पुलिस की विशेष IFSO यूनिट के पास रही। संयुक्त पुलिस आयुक्त रजनीश गुप्ता की निगरानी में चलाए गए इस अभियान को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान सामने आए मामलों में करीब 700 करोड़ रुपये की रकम साइबर ठगी से जुड़ी पाई गई है।

क्यों अहम है यह कार्रवाई

देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच एक साथ इतने राज्यों में समन्वित छापेमारी और सैकड़ों गिरफ्तारियां असामान्य मानी जा रही हैं। 31 मई 2026 तक के डेटा का विश्लेषण कर रणनीति बनाने का तरीका दर्शाता है कि पुलिस अब आंकड़ों और तकनीकी सुरागों के आधार पर साइबर ठगों के नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है।

गौरतलब है कि सभी गिरफ्तार व्यक्ति फिलहाल आरोपी हैं और उन पर लगे आरोप अदालत में साबित होने बाकी हैं। आगे की जांच में ठगी के इस नेटवर्क की परतें और खुलने की संभावना है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि ये कथित गिरोह किस तरह देशभर में सक्रिय थे।

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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