लखनऊ विश्वविद्यालय: लड़कों के मुकाबले लड़कियों के बेहतर प्रदर्शन पर राज्यपाल ने दिए शोध के निर्देश
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा में लड़कियों के मुकाबले लड़कों के लगातार पिछड़ने को एक गंभीर विषय बताया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने इस प्रवृत्ति के…
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा में लड़कियों के मुकाबले लड़कों के लगातार पिछड़ने को एक गंभीर विषय बताया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने इस प्रवृत्ति के कारणों का पता लगाने के लिए एक शोध कराने का निर्देश दिया, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को आयोजित इस समारोह में राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को सामाजिक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए भी प्रेरित किया।
समारोह में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं, जिनमें 68,119 छात्राएं और 57,166 छात्र शामिल थे। अकादमिक उत्कृष्टता के लिए दिए गए 204 पदकों में से भी 81 लड़कियों ने हासिल किए, जबकि 30 लड़कों को पदक मिले। राज्यपाल ने कहा कि पिछले सात वर्षों के नतीजे दिखाते हैं कि छात्राएं लगातार बेहतर कर रही हैं, जबकि छात्र पीछे रह रहे हैं।
सामाजिक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान
राज्यपाल पटेल ने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ डिग्री देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले केंद्र हैं। उन्होंने बढ़ते अपराध, दहेज हत्या और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी समस्याओं पर शोध करके समाधान खोजने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संबंध में उन्होंने कुलपति को एक अनूठा निर्देश दिया कि आजीवन कारावास काट रहे अपराधियों से मिलकर यह अध्ययन किया जाए कि किन सामाजिक, मानसिक और पारिवारिक परिस्थितियों में लोग गंभीर अपराधों की ओर प्रवृत्त होते हैं।
बुनियादी सुविधाओं में सुधार के निर्देश
विश्वविद्यालय के निरीक्षण में पाई गई कमियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने प्रशासन को कई तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। इनमें छात्रावासों का शीघ्र आवंटन, मेस का सुचारु संचालन, पुस्तकालय का समय बढ़ाना और उसे शनिवार को भी खोलना शामिल है। उन्होंने छात्रावासों में वाई-फाई, वॉशिंग मशीन, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही, सभी डिग्रियों और अंकपत्रों को केवल डिजिलॉकर के माध्यम से ही उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं और कार्यक्रम
दीक्षांत समारोह के अवसर पर सामाजिक पहलों को भी बढ़ावा दिया गया। रायबरेली के लिए 300 और लखनऊ के लिए 200 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं, साथ ही रायबरेली की 300 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी हुआ। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में अब तक 70,793 आंगनबाड़ी किट बांटी जा चुकी हैं और 5,87,459 लड़कियों का टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इस वर्ष लखनऊ विश्वविद्यालय को 77 देशों से 3,421 विदेशी छात्रों के आवेदन मिले, जो पिछले साल से 64% अधिक है।
इनपुट: IANS



