शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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तेलंगाना: कांग्रेस सरकार पर BRS का बड़ा आरोप, 'एक करोड़ एकड़ से ज़्यादा ज़मीन प्रतिबंधित सूची में डाली'

तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर ज़मीन से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने एक…

तेलंगाना: कांग्रेस सरकार पर BRS का बड़ा आरोप, 'एक करोड़ एकड़ से ज़्यादा ज़मीन प्रतिबंधित सूची में डाली'
(फोटो: IANS)

तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर ज़मीन से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने एक करोड़ एकड़ से अधिक भूमि को धारा 22ए के तहत प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है, जिससे लाखों भूमि मालिकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केटीआर ने यह बात शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय 'तेलंगाना भवन' में प्रभावित ज़मीन मालिकों के साथ एक बैठक के दौरान कही।

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बैठक में BRS नेता हरीश राव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ विधायक भी मौजूद थे। केटीआर ने पिछली BRS सरकार और मौजूदा कांग्रेस सरकार के आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में केवल 16 लाख एकड़ ज़मीन इस सूची में थी, जो अब बढ़कर 1 करोड़ 16 लाख एकड़ हो गई है।

क्या है धारा 22ए और क्यों है विवाद?

धारा 22ए राज्य सरकार को कुछ विशेष भूमि और संपत्ति के दस्तावेजों के पंजीकरण पर रोक लगाने का अधिकार देती है। BRS का आरोप है कि कांग्रेस सरकार इस कानून का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी के अनुसार, राजस्व और पंजीकरण तंत्र का इस्तेमाल करके निजी संपत्तियों को मनमाने ढंग से प्रतिबंधित किया जा रहा है, जबकि इस धारा का उद्देश्य केवल कानूनी रूप से वर्जित संपत्तियों का पंजीकरण रोकना है, न कि नागरिकों के वैध लेनदेन में बाधा डालना। इसी मुद्दे को लेकर BRS पहले भी राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को हटाने की मांग कर चुकी है।

'बड़े पैमाने पर हो रहे भूमि घोटाले'

के.टी. रामाराव ने कांग्रेस शासन में बड़े पैमाने पर भूमि घोटाले होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के भाई ज़मीनों की कथित लूट में शामिल हैं। केटीआर ने यह भी कहा कि 'फ्यूचर सिटी' में 200 करोड़ रुपये की ज़मीन मुख्यमंत्री के एक भाई से जुड़ी कंपनी को सिर्फ 7 करोड़ रुपये में दे दी गई। इसके अलावा, उन्होंने मूसी नदी सौंदर्यीकरण परियोजना की आड़ में हज़ारों एकड़ औद्योगिक भूमि बेचने और आदिवासियों की ज़मीन हड़पने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।

अन्य आरोप और सरकार का पक्ष

KTR ने यह भी आरोप लगाया कि BRS विधायकों को विधानसभा से इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वे मुख्यमंत्री की कथित अनियमितताओं का खुलासा करने वाले थे। उन्होंने कहा कि सिरसिल्ला विधानसभा क्षेत्र के समुद्र लिंगापुरम गांव में 800 एकड़ ज़मीन को भी प्रतिबंधित सूची में डाल दिया गया है। BRS नेता के इन तमाम आरोपों पर फिलहाल राज्य सरकार की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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