उत्तर प्रदेश: दूध उत्पादन से 72 हजार से ज़्यादा ग्रामीण महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी', गांवों की अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं के लिए दुग्ध उत्पादन आय और आत्मनिर्भरता का एक शक्तिशाली जरिया बनकर उभरा है। इस पहल की सफलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में 72,669 महिलाएं 'लखपति…
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं के लिए दुग्ध उत्पादन आय और आत्मनिर्भरता का एक शक्तिशाली जरिया बनकर उभरा है। इस पहल की सफलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में 72,669 महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कारोबार ने गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए 5,839 करोड़ रुपये का कुल टर्नओवर हासिल किया है, जिसमें 133 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ भी शामिल है।
प्रदेश के 42 जिलों के 7,220 गांवों में कुल 3.94 लाख महिलाएं इस अभियान से जुड़ी हैं। इन महिलाओं के सामूहिक प्रयास से प्रतिदिन लगभग 10.77 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़े आर्थिक बदलाव का संकेत है।
राज्य भर में विस्तार की योजना
इस मॉडल की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की एक संयुक्त बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का विस्तार गांव-गांव तक किया जाए। उन्होंने कहा, "दुग्ध योजना से अधिक से अधिक महिलाओं, किसानों और युवाओं को जोड़ा जाए तथा ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर पात्र लोगों को योजना की जानकारी दी जाए।" उपमुख्यमंत्री ने पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया।
अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहीं प्रोड्यूसर कंपनियां
यह पूरा तंत्र मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों के माध्यम से संचालित हो रहा है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं:
- बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी: 7 जिलों के 1,440 गांवों में 95,100 सदस्यों के साथ प्रतिदिन 2.50 लाख लीटर दूध का उत्पादन।
- काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी: 10 जिलों के 1,770 गांवों में 55,000 सदस्यों के साथ प्रतिदिन 1.60 लाख लीटर दूध का उत्पादन।
- सामार्थ्या मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी: 10 जिलों के 1,550 गांवों में एक लाख सदस्यों से जुड़ी है।
- बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी: 7 जिलों के 1,160 गांवों में 73,283 सदस्य हैं।
- सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी: 8 जिलों के 1,900 गांवों में 71,320 सदस्य हैं।
उपमुख्यमंत्री मौर्य के अनुसार, यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और एक करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल महिलाओं को नियमित आय दे रही है, बल्कि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है।
इनपुट: IANS



