Nirbhaya Case: फांसी से बचने के लिए अब चुनाव आयोग में अर्जी

Nirbhaya case
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निर्भया केस वो घटना जिसको सोचकर हर किसी की रूह कांप जाती है. इस केस में न्याय की आस लगाए बैठे देश के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई कि निर्भया के दोषियों के लिए डेथ वॉरंट जारी हो गया है. लेकिन इसमें भी एक पेंच फंस गया है दोषियों की फांसी रोकने के लिए उनके वकील ने चुनाव आयोग में अर्जी लगाते हुए कहा है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की तो वो ना तो मंत्री थे और ना ही विधायक. इस अर्जी ने इस केस में एक नया मोड़ ला दिया है.


दोषी विनय शर्मा के वकील SP सिंह ने बताया कि सत्येंद्र जैन ने 30 जनवरी को अपना साइन व्हाट्स ऐप के जरिए भेजा. वकील SP सिंह ने आगे अर्जी में कहा है कि ऐसे में दया याचिका को खारिज करना गैरकानूनी और असंवैधानिक है, क्योंकि उस समय दिल्ली में चुनाव के लिए आदर्श चुनाव संहिता लगी हुई थी. अर्जी में चुनाव आयोग से कानूनी संज्ञान लेने की मांग की गई है.

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चारों दोषियों को 3 मार्च सुबह छह बजे फांसी दी जाएगी. इसके लिए कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर दिया है. . यह मामला दिसंबर 2012 में राष्ट्रीय राजधानी में 23 वर्षीय एक महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा हुआ है. दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी देने का आदेश जारी किया गया है. लेकिन उनके वकील ने बयान दिया कि अभी फांसी नहीं होगी.