बरनाला लाठीचार्ज: मानवाधिकार आयोग ने पंजाब सरकार से दो हफ़्तों में जवाब मांगा
पंजाब के बरनाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग…
पंजाब के बरनाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आयोग ने अधिकारियों से दो हफ़्तों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 25 जुलाई को पुलिस ने प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों पर बिना किसी उकसावे के अत्यधिक बल का प्रयोग किया। इन प्रदर्शनकारियों में महिलाएँ भी शामिल थीं, जो अपनी सेवाओं को नियमित करने, वेतन वृद्धि और नौकरी की सुरक्षा जैसी मांगों के लिए विरोध कर रहे थे।
आयोग ने पूछे कड़े सवाल
प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एनएचआरसी की बेंच ने इसे पहली नज़र में मानवाधिकारों का उल्लंघन माना है। जारी किए गए नोटिस में आयोग ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं। अधिकारियों से पूछा गया है कि पुलिस को बल प्रयोग क्यों करना पड़ा और इसका क्या औचित्य था। साथ ही, यह भी बताने को कहा गया है कि महिला कर्मचारियों पर लाठीचार्ज का आदेश किस अधिकारी ने दिया था।
इसके अतिरिक्त, एनएचआरसी ने लाठीचार्ज में घायल हुए कर्मचारियों की संख्या, उनकी मौजूदा मेडिकल स्थिति और इस पूरी घटना की जांच की स्थिति पर भी रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 की धारा 12 के तहत इस मामले का संज्ञान लिया है।
इनपुट: IANS



