नेपाल में विनाशकारी बाढ़: 781 लोगों की मौत, 2500 से ज़्यादा अब भी लापता
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को देश के आपदा प्राधिकरण ने एक 'मेगा आपदा' करार दिया है। इस त्रासदी में अब तक 781 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक…
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को देश के आपदा प्राधिकरण ने एक 'मेगा आपदा' करार दिया है। इस त्रासदी में अब तक 781 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, नेपाल के आपदा प्राधिकरण प्रमुख डॉ. धर्मराज उप्रेती ने बताया कि यह सिर्फ एक सामान्य आपदा नहीं, बल्कि एक बड़ी त्रासदी है जिसमें लोगों ने अपनी जानें, घर, परिवार और सांस्कृतिक विरासत सब कुछ खो दिया है।
डॉ. उप्रेती के अनुसार, बचाव अभियान लगातार जारी है और इसमें लगभग 19,895 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं। अब तक लगभग 8,730 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। उन्होंने कहा, "लगभग छह सुरंगें चालू हैं। लोगों के सुरंगों में फंसे होने का डर है, इसलिए हम उन्हें बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सुरंगों से लोगों को बचाया जा रहा है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि और लोगों को बचाया जाएगा।"
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और बचाव कार्य
इस मुश्किल घड़ी में भारत और चीन दोनों ही नेपाल की मदद कर रहे हैं। भारत ने बचाव कार्य, विशेषकर सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए, अपने विशेषज्ञ भेजे हैं जो नेपाली सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। डॉ. उप्रेती ने कहा कि भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। वहीं, चीन भी ऊँचे पहाड़ी इलाकों से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से साझा कर रहा है।
बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान
बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढाँचे को पूरी तरह तबाह कर दिया है। डॉ. उप्रेती ने इस नुकसान को सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि गैर-आर्थिक भी बताया। उन्होंने कहा, "अब तक हम लगभग 9,500 घरों को क्षतिग्रस्त होने का अनुमान लगाते हैं। सड़कों, पुलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, जल सुविधाओं, और सिंचाई सुविधाओं जैसी कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे सब कुछ क्षतिग्रस्त हो गए।" बाढ़ की चेतावनी देने वाली अवलोकन प्रणालियों के भी नष्ट हो जाने से बार-बार आसन्न आपदा का डर बना हुआ है, जिससे बचाव कार्यों में भी बाधा आ रही है। समुदायों को सुरक्षित रखने के लिए SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं।
इनपुट: IANS



