विदेशी निवेश को बढ़ावा: केरल सरकार दुबई, न्यूयॉर्क समेत 5 बड़े शहरों में खोलेगी 'केरल डेस्क'
केरल में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और दुनिया भर में फैले मलयाली समुदाय के साथ कारोबारी रिश्ते मजबूत करने के लिए एक नई पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार दुनिया…
केरल में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और दुनिया भर में फैले मलयाली समुदाय के साथ कारोबारी रिश्ते मजबूत करने के लिए एक नई पहल की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार दुनिया के पांच प्रमुख वित्तीय केंद्रों में 'केरल डेस्क' स्थापित करने जा रही है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शनिवार को बताया कि इन डेस्क की स्थापना दुबई, लंदन, न्यूयॉर्क, सिंगापुर और टोक्यो में की जाएगी। सरकार ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और यह राज्य की 100-दिवसीय कार्ययोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रवासी मलयालियों से मिलने वाले धन (रेमिटेंस) पर पारंपरिक निर्भरता से आगे बढ़कर निवेश और व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देना है।
कैसे काम करेंगे ये डेस्क?
ये 'केरल डेस्क' संबंधित शहरों में सरकार, अनिवासी केरलवासी (NRK) संगठनों, केरल मूल के कारोबारियों और संभावित निवेशकों के बीच एक पुल का काम करेंगे। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे निवेश के लायक प्रस्तावों और निवेशकों की पहचान करें और उस जानकारी को आगे की प्रक्रिया के लिए केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) के 'इन्वेस्ट केरल सेल' को भेजें।
इन्वेस्ट केरल सेल अपनी सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से इन प्रस्तावों पर कार्रवाई करेगा। इसके अलावा, ये डेस्क अपने-अपने देशों में निवेश के अवसरों की जानकारी भी देंगे और केरल के लिए महत्वपूर्ण हो सकने वाले कारोबारी रुझानों और नियामक बदलावों पर भी नजर रखेंगे।
बिना सरकारी खर्च के होगी स्थापना
इस योजना की एक खास बात यह है कि इसे राज्य के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना लागू किया जाएगा। प्रत्येक शहर में डेस्क की मेजबानी वहां पहले से सक्रिय कोई मान्यता प्राप्त एनआरके संगठन करेगा। यह संगठन मानद और स्वैच्छिक आधार पर सभी जरूरी सहयोग उपलब्ध कराएगा। 'इन्वेस्ट केरल सेल' इस पूरी पहल के लिए संस्थागत ढांचा, ब्रांडिंग, समन्वय और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
इस संबंध में केएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक को पांचों शहरों में उपयुक्त एनआरके संगठनों की पहचान कर उनके साथ सहयोग को औपचारिक रूप देने का निर्देश दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से खाड़ी, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और पूर्वी एशिया में फैले मलयाली प्रवासियों के नेटवर्क का लाभ मिलेगा और राज्य में विदेशी पूंजी लाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
इनपुट: IANS



