शनिवार, 18 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल: जिन युवाओं ने बालेंद्र शाह को सत्ता दिलाई, अब वही क्यों कर रहे उनके इस्तीफे की मांग?

नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि ये वही जेन-जी (युवा पीढ़ी) है, जिसने कुछ महीने पहले एक बड़े आंदोलन के जरिए केपी ओली की सरकार…

नेपाल: जिन युवाओं ने बालेंद्र शाह को सत्ता दिलाई, अब वही क्यों कर रहे उनके इस्तीफे की मांग?
(फोटो: IANS)

नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि ये वही जेन-जी (युवा पीढ़ी) है, जिसने कुछ महीने पहले एक बड़े आंदोलन के जरिए केपी ओली की सरकार को हटाकर बालेंद्र शाह को सत्ता तक पहुंचाया था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अब यही युवा प्रधानमंत्री की कार्यशैली और फैसलों से नाराज होकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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सत्ता संभालने के चार महीने से भी कम समय में शाह सरकार कई मोर्चों पर सवालों के घेरे में है। सरकार के प्रति इस नाराजगी के पीछे कई बड़ी वजहें हैं, जिसमें एक युवक की आत्महत्या ने आग में घी का काम किया है।

विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजहें

लोगों के गुस्से का सबसे बड़ा कारण काठमांडू में झुग्गी बस्तियों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई है। अप्रैल से शुरू हुए इस बेदखली अभियान में नदी किनारे बने 2,600 से ज्यादा अवैध कब्जे वाले घर गिरा दिए गए हैं। इस कार्रवाई के चलते 15,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने बिना किसी ठोस पुनर्वास योजना के लोगों से उनका आशियाना छीन लिया।

इसके अलावा, जो सामाजिक कार्यकर्ता इन बेघर लोगों के लिए शांतिपूर्वक आवाज उठा रहे थे, उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में उनके साथ थर्ड-डिग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

गणेश नेपाली की मौत ने भड़काई आग

हाल ही में 25 वर्षीय युवक गणेश नेपाली की मौत ने इस गुस्से को और हवा दे दी। गणेश एक राइड-शेयरिंग ड्राइवर थे। काठमांडू पुलिस ने पार्किंग नियम तोड़ने के आरोप में उनकी मोटरसाइकिल का पहिया लॉक कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर आत्मदाह कर लिया। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

अन्य मोर्चों पर भी असंतोष

सितंबर 2025 में हुए पिछले जेन-जी आंदोलन में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा था, लेकिन युवाओं का आरोप है कि शाह सरकार ने अपने नए बजट और आर्थिक नीतियों में इससे निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। वहीं, देश के किसान भी मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के भीतर भी असंतोष की खबरें हैं। शुरुआती दिनों में वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने फैसलों से सुर्खियां बटोरने वाली शाह सरकार अब अपने वादों को पूरा करने में विफल होती दिख रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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