विक्रम-1 की सफलता पर स्काईरूट टीम से बोले PM मोदी- 'आत्मनिर्भर भारत का सबूत सामने है'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 'विक्रम-1' रॉकेट के सफल प्रक्षेपण पर स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई दी है। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने इस उपलब्धि को…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 'विक्रम-1' रॉकेट के सफल प्रक्षेपण पर स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई दी है। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने इस उपलब्धि को 'आत्मनिर्भर भारत' का सबूत बताते हुए कहा कि इस सफलता ने स्पेस सेक्टर में निजीकरण के उनके फैसले को सही साबित किया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से कहा, "सबसे पहले स्काईरूट एयरोस्पेस को पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। मुझे इस सफलता के लिए आनंद है। मैं इस पूरे लॉन्चिंग कार्यक्रम को देख रहा था।" उन्होंने टीम के युवा सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि 20-30 साल की उम्र की टीम को देखना उन्हें और भी खुशी दे रहा था।
युवाओं पर भरोसे का प्रतीक
पीएम मोदी ने कहा कि जब उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का फैसला किया था, तब कई तरह की आशंकाएं जताई गई थीं। उन्होंने कहा, "लेकिन मैं इस दिशा में आगे बढ़ता गया। अब आपके कारण मेरे उस निर्णय को ताकत मिल गई है। मेरी टीम भी स्वीकार करेगी कि हां देश के नौजवानों पर भरोसा करना चाहिए... आपने काम को करके दिखाया है।"
प्रधानमंत्री ने इस मिशन को 'मिशन आगमन' करार देते हुए कहा, "इस आगमन को अभी और आगे बढ़ते जाना है।"
ऑर्बिट में 'वंदे मातरम'
बातचीत के दौरान, स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक नागा भरत डाका ने प्रधानमंत्री को बताया कि उनके द्वारा भेजा गया कार्ड सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंच गया है। उन्होंने कहा, "जो आपने 'वंदे मातरम' भेजा, इसलिए 'वंदे मातरम' अब ऑर्बिट में है।"
इस पर खुशी जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने 'वंदे मातरम' भेजने का फैसला क्यों किया। उन्होंने कहा, "इस बार हमारा देश 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष मना रहा है। वंदे मातरम ही था, जिसने देश के नौजवानों को हमेशा देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा दी थी।" प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज 'वंदे मातरम' देश के लिए जीने की ताकत देता है और स्काईरूट की टीम ने इसे जी कर दिखाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए कहा, "जब मैं आत्मनिर्भर भारत की बात करता था, तब नासमझी में कुछ लोग उसका मजाक उड़ाते थे। आज आपने सिद्ध कर दिया कि हम इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने में समर्थ हैं... आज सबूत हमारे सामने है।" बातचीत के अंत में उन्होंने पूरी टीम को दिल्ली आने का न्योता दिया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इनपुट: IANS



