कर्नाटक: कैबिनेट विस्तार पर खींचतान जारी, डीके शिवकुमार ने खड़गे से की मुलाकात
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी सिलसिले में शनिवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके…
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी सिलसिले में शनिवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके बेंगलुरु स्थित आवास पर मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस बैठक में उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर भी मौजूद थे और इसका मुख्य एजेंडा कैबिनेट में खाली पड़े मंत्री पदों को भरने और पार्टी संगठन में बदलाव पर चर्चा करना था।
फिलहाल कर्नाटक सरकार में मुख्यमंत्री शिवकुमार सहित केवल 14 मंत्री हैं, जबकि कैबिनेट में 20 पद अब भी खाली हैं। इन पदों के लिए 40 से अधिक वरिष्ठ नेताओं के बीच होड़ लगी हुई है, जिससे पार्टी आलाकमान के लिए फैसला लेना एक जटिल प्रक्रिया बन गया है। क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, जातीय समीकरण, वरिष्ठता और राजनीतिक पहलुओं के बीच संतुलन साधना एक बड़ी चुनौती है।
दिल्ली से बेंगलुरु तक बैठकों का दौर
सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार ने खड़गे को दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं के साथ हुई बैठकों की जानकारी दी। इससे पहले, दिल्ली में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के बीच कई दौर की बैठकें हुईं, लेकिन कोई आम सहमति नहीं बन सकी।
इन नेताओं ने सोनिया गांधी के आवास पर राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी, जिसमें के.सी. वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और राज्य के ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज भी शामिल हुए थे। हालांकि, गुरुवार को खड़गे के अचानक बेंगलुरु चले जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला टाल दिया था, जिससे कई उम्मीदवारों का इंतजार और बढ़ गया है।
संगठन में भी बड़े फेरबदल की तैयारी
कैबिनेट विस्तार के अलावा, कांग्रेस कर्नाटक में अपने संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव की योजना बना रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के पर्यवेक्षक हर जिले का दौरा कर फीडबैक लेंगे। बताया जा रहा है कि नेतृत्व इस बार स्थानीय सत्ता के केंद्रों से प्रभावित हुए बिना वफादार पार्टी कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहता है।
जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी में पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्षों और महासचिवों के पदों पर भी बदलाव किए जाएंगे। इन सभी मुद्दों पर आगे की चर्चा के लिए कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल 26 जुलाई को बेंगलुरु का दौरा करेंगे, जहां वह मुख्यमंत्री शिवकुमार और सिद्दारमैया के साथ बैठक करेंगे।
इनपुट: IANS



