शनिवार, 22 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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शिनजियांग: चीन-तुर्की की बढ़ती नज़दीकियों पर निर्वासित सरकार ने जताया कड़ा ऐतराज़

ईस्ट तुर्किस्तान की निर्वासित सरकार (ETGE) ने चीन और तुर्की के बीच बढ़ते सहयोग पर गहरी चिंता और नाराज़गी जताई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि दोनों देशों की यह नज़दीकी शिनजियांग (जिसे वे ईस्ट…

शिनजियांग: चीन-तुर्की की बढ़ती नज़दीकियों पर निर्वासित सरकार ने जताया कड़ा ऐतराज़
(फोटो: IANS)

ईस्ट तुर्किस्तान की निर्वासित सरकार (ETGE) ने चीन और तुर्की के बीच बढ़ते सहयोग पर गहरी चिंता और नाराज़गी जताई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि दोनों देशों की यह नज़दीकी शिनजियांग (जिसे वे ईस्ट तुर्किस्तान कहते हैं) में चीन की दमनकारी नीतियों को और बढ़ावा देगी। यह प्रतिक्रिया बीजिंग में 16 जुलाई को हुई एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक वार्ता के बाद सामने आई है।

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समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस बैठक में चीन के उप विदेश मंत्री मियाओ देयू और तुर्की की उप विदेश मंत्री बेरीस एकिनजी शामिल हुए थे। चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि बातचीत का एक मुख्य बिंदु कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत करना था। इस दौरान तुर्की ने 'वन चाइना' नीति का समर्थन करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने देगा।

“कूटनीति नहीं, मिलीभगत”

ईस्ट तुर्किस्तान की निर्वासित सरकार ने इस वार्ता को उइगर, कजाख, किर्गिज और अन्य तुर्की समुदायों के साथ 'विश्वासघात का नया अध्याय' करार दिया है। संगठन ने एक बयान में कहा कि यह 'कूटनीति नहीं, बल्कि मिलीभगत' है। ETGE का आरोप है कि शिनजियांग एक 'कब्जे वाला क्षेत्र' है, जहाँ चीन दमनकारी नीतियां लागू कर रहा है।

ETGE के विदेश मंत्री सालिह हुदायर ने कहा कि उन्होंने पहले तुर्की से ईस्ट तुर्किस्तान के लोगों के पक्ष में आवाज़ उठाने की अपील की थी, लेकिन अंकारा इसके ठीक उलट चीन के साथ अपना सहयोग बढ़ा रहा है। संगठन के अनुसार, पिछले लगभग तीन दशकों से तुर्की कथित तौर पर चीन के साथ मिलकर ईस्ट तुर्किस्तान के स्वतंत्रता आंदोलन की निगरानी करने, उसे कमज़ोर करने और उसके समर्थकों पर दबाव बनाने में सहयोग कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

संगठन ने आरोप लगाया कि इस सहयोग की वजह से विदेशों में रह रहे ईस्ट तुर्किस्तान के शरणार्थियों और प्रवासी समुदाय पर दबाव बढ़ रहा है। ETGE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुर्की की कथित भूमिका की निंदा करने की अपील की है। साथ ही शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने और ईस्ट तुर्किस्तान के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने के लिए ठोस कदम उठाने का भी आग्रह किया है।

इनपुट: IANS

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