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NCRB आंकड़ों का खुलासा, हर 2 घंटे में 3 बेरोजगार कर रहे हैं आत्महत्या

देश में बेरोजगारी चरम पर है। अर्थव्यवस्था लुढ़क चुकी है। देश NRC और CAA विवाद में उलझा हुआ है।

NCRB आंकड़ों का खुलासा, हर 2 घंटे में 3 बेरोजगार कर रहे हैं आत्महत्या

देश में बेरोजगारी चरम पर है। अर्थव्यवस्था लुढ़क चुकी है। देश NRC और CAA विवाद में उलझा हुआ है। इस बीच नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों ने बेरोजगारी और उससे होने वाले परिणाम के बारें में खुलासा किया है। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं।

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NCRB डाटा के अनुसार देश में बेरोजगारी की वजह से साल 2018 में औसतन 35 लोगों ने रोजाना खुदकुशी की है. इस तरह से हर 2 घंटे में लगभग 3 बेरोजगार खुदकुशी कर रहे हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली संस्था है और ये संस्था देश भर में अपराध से जुड़े आंकड़े और ट्रेंड जारी करती है। NCRB के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2018 में देश में खुदकुशी के मामलों में 3.6% की बढ़ोतरी हुई है। 2018 में आत्महत्या के 1 लाख 34 हजार 516 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2017 में 1 लाख 29 हजार 887 लोगों ने खुदकुशी की थी।

NCRB आंकड़ों का खुलासा, हर 2 घंटे में 3 बेरोजगार कर रहे हैं आत्महत्या

किसानों से ज्यादा बेरोजगार युवा कर रहें हैं खुदखुशी

NCRB द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बेकारी और बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी करने वालों की संख्या किसानों की आत्महत्या की तादाद से ज्यादा है। साल 2018 में 12 हजार 936 लोगों ने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी की थी, जबकि इसी अवधि में खेती-किसानी से जुड़े 10 हजार 349 लोगों ने आत्महत्या की थी।

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किसानों की खुदकुशी के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए. कुल खुदकुशी के 34.7 फीसदी मामले महाराष्ट्र में, 23.2 फीसदी कर्नाटक में, 8.8 फीसदी तेलंगाना में, 6.4 फीसदी आंध्र प्रदेश में और 6.3 फीसदी मध्य प्रदेश में दर्ज किए गये।

पश्चिम बंगाल-बिहार में किसानों ने नहीं की आत्महत्या

NCRB के आंकड़े कहते हैं कि पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड, मेघालय, गोवा, चंडीगढ़, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में साल 2018 के दौरान किसी किसान, खेतिहर मजदूर ने आत्महत्या नहीं की है।

PV

Pradeep Verma

Hindi literature , Films Enthusiastic, Screenplay Writer and Cricket Lover. सभी लेख देखें →

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