बालाघाट: नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों में पहली बार पहुंचे मुख्यमंत्री, ₹225 करोड़ की विकास योजनाओं का ऐलान
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के दो गांवों, बोंदारी और कोरका के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। आजादी के बाद यह पहला मौका था जब किसी मुख्यमंत्री ने इन गांवों का दौरा किया। समाचार एजेंसी IANS के…
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के दो गांवों, बोंदारी और कोरका के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। आजादी के बाद यह पहला मौका था जब किसी मुख्यमंत्री ने इन गांवों का दौरा किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव इन दूरस्थ गांवों में पहुंचे, जो पहले नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित थे, और उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री यादव ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठे और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही कई परेशानियों का समाधान भी किया। इस दौरान पशुपालन, आवास, पोषण आहार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विकास और रोजगार पर सरकार का जोर
इस दौरे पर मुख्यमंत्री ने सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा, "सरकार का स्पष्ट संकल्प 'सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार' का है।" उन्होंने बताया कि अब इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम होगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने ₹225 करोड़ की विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इस राशि से पंचायत, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य और पर्यटन समेत विभिन्न विभागों के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक विकास के काम किए जाएंगे।
गांवों को बाजार और युवाओं को अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य
सीएम यादव ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ सड़कें बनाना नहीं, बल्कि "सड़कों को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ने का है।" उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि गांव में बनने वाले उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर मूल्य मिले और उन्हें देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इनपुट: IANS



