सतना में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, मंदाकिनी उफान पर, कई इलाकों में कमर तक पानी भरा
सतना: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून की सक्रियता ने सतना जिले में जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार सुबह…
सतना: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून की सक्रियता ने सतना जिले में जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार सुबह तक जिले के शहरी और ग्रामीण, दोनों ही क्षेत्रों में व्यापक जलभराव की स्थिति बन गई। मंदाकिनी नदी और उसकी सहायक धाराओं के उफान पर आने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति बीरसिंहपुर में बताई जा रही है, जहाँ कई मोहल्लों में पानी कमर तक पहुँच गया है। बारिश का पानी बड़ी संख्या में घरों में घुस गया है, जिससे लोगों का बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, घरों के चारों ओर पानी जमा होने से उनका दैनिक जीवन पूरी तरह ठप हो गया है। कोतार और नागौद जैसे इलाकों से भी इसी तरह के जलभराव की खबरें हैं, जहाँ सड़कें और निचले क्षेत्र पानी में डूब गए हैं।
बांध के गेट खोले, रेल यातायात प्रभावित
जलस्तर के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बांसुजारा बांध के सभी आठों स्लुइस गेट खोल दिए गए हैं। जलभराव का असर शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पड़ा है। सतना शहर के कई पेट्रोल पंपों, सार्वजनिक स्थलों और यहाँ तक कि कुछ रेल पटरियों पर भी पानी भर जाने की सूचना है, जिससे रेल यातायात में बाधा आई है।
प्रशासन और राजनीतिक दल सक्रिय
बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन और राजनीतिक दल दोनों सक्रिय हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त शैलेंद्र सिंह शनिवार सुबह से ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, वे मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। नगरपालिका की टीमें भी विभिन्न वार्डों में नालियों और पुलियों की सफ़ाई तथा जल निकासी के काम में जुटी हुई हैं।
वहीं, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी से घिरे गाँवों और मुश्किल में फँसे लोगों की मदद के लिए आगे आएँ। प्रशासन ने भी लोगों से नदियों, नालों और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने तथा अनावश्यक रूप से बाढ़ग्रस्त सड़कों को पार न करने का आग्रह किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले पाँच दिनों के लिए सतना जिले में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
इनपुट: IANS



