गोपालगंज हादसा: एक को बचाने की कोशिश में सेप्टिक टैंक में उतरे चार मज़दूरों की दम घुटने से मौत
बिहार के गोपालगंज जिले में शनिवार को एक नवनिर्मित सेप्टिक टैंक चार मज़दूरों के लिए कब्रगाह बन गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह दर्दनाक घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही गोपाल गांव में हुई…
बिहार के गोपालगंज जिले में शनिवार को एक नवनिर्मित सेप्टिक टैंक चार मज़दूरों के लिए कब्रगाह बन गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह दर्दनाक घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही गोपाल गांव में हुई, जहाँ एक मज़दूर को बचाने के प्रयास में तीन अन्य भी टैंक में उतरे और ज़हरीली गैस की चपेट में आने से सभी की जान चली गई।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब मज़दूर सेप्टिक टैंक के अंदर लगी शटरिंग (सेंटरिंग) खोलने के लिए उतरे थे। बताया जा रहा है कि काम के दौरान एक मज़दूर अचानक टैंक के अंदर फंस गया। उसे बचाने के लिए एक-एक करके तीन और साथी मज़दूर भी टैंक में उतर गए, लेकिन कुछ ही देर में चारों बेहोश हो गए। आशंका है कि टैंक में बनी ज़हरीली गैस के कारण दम घुटने से उनकी मौत हुई।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों मज़दूरों के शवों को टैंक से बाहर निकाला जा सका। मृतकों की पहचान बंटी बैठा उर्फ राकेश, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और शबे आलम के रूप में हुई है। सभी मृतक उसी गांव के रहने वाले थे।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। एक जांच टीम यह पता लगाएगी कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि यह भी देखा जाएगा कि टैंक में उतरने से पहले मज़दूरों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी सावधानियां बरती गई थीं या नहीं। प्रशासन ने जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इनपुट: IANS



