शनिवार, 29 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

फेडरल रिजर्व के कड़े रुख से सोना-चांदी की चमक फीकी, जानें एक हफ्ते में कितनी गिरी कीमतें

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कड़े मौद्रिक नीति बनाए रखने के संकेतों से पिछले हफ्ते कीमती धातुओं के बाजार में भारी दबाव देखने को मिला। निवेशकों की बदलती उम्मीदों के कारण सोने और चांदी, दोनों…

फेडरल रिजर्व के कड़े रुख से सोना-चांदी की चमक फीकी, जानें एक हफ्ते में कितनी गिरी कीमतें
(फोटो: IANS)

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कड़े मौद्रिक नीति बनाए रखने के संकेतों से पिछले हफ्ते कीमती धातुओं के बाजार में भारी दबाव देखने को मिला। निवेशकों की बदलती उम्मीदों के कारण सोने और चांदी, दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह के दौरान मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी इस गिरावट को हवा दी, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले इन मेटल्स पर मुनाफावसूली हावी रही।

विज्ञापन

एक सप्ताह के भीतर, इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 999 शुद्धता वाले सोने का भाव 1,042 रुपये प्रति 10 ग्राम (0.64%) घटकर 28 अगस्त को 1,59,578 रुपये पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में 2,738 रुपये प्रति किलोग्राम (1.12%) की गिरावट आई और यह 2,43,892 रुपये पर बंद हुई।

वायदा बाजार में भी भारी गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना एक हफ्ते में 6,157 रुपये यानी 3.79% गिर गया, जो 21 अगस्त को 1,62,438 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था और 28 अगस्त को 1,56,281 रुपये पर बंद हुआ। इसी तरह, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी में एक हफ्ते के दौरान 9,893 रुपये यानी 4.01% की बड़ी गिरावट आई।

गिरावट के पीछे की मुख्य वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श का जैक्सन होल सम्मेलन में दिया गया भाषण था। बाजार ने उनके भाषण को मौद्रिक नीति में सख्ती बनाए रखने के संकेत के रूप में लिया। उनके भाषण के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 70 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था। इसके अलावा, अमेरिका में जुलाई के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा 3.7% रहे, जिसने इस धारणा को और मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।

बाजार का आगे का नजरिया

विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं के बाद सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। यही वजह है कि निवेशक सोने जैसे बिना-ब्याज वाले निवेशों से पैसा निकाल रहे हैं। तकनीकी तौर पर, घरेलू बाजार में MCX सोने के लिए 1,56,200 रुपये से 1,55,500 रुपये का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है, जबकि 1,59,200 रुपये से 1,60,000 रुपये का क्षेत्र एक बाधा के रूप में काम कर सकता है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख पर ही निर्भर करेगी।

इनपुट: IANS

N

News4Social बिज़नेस डेस्क

News4Social बिज़नेस डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →