देवरिया में बोले सीएम योगी: अखिलेश-डिंपल परिवार की प्राइवेट कंपनी के लिए सरकारी खजाने पर डाल रहे थे 'डकैती'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाने का गंभीर आरोप लगाया है। देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाने का गंभीर आरोप लगाया है। देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने दावा किया कि लखनऊ में बने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को एक पारिवारिक प्राइवेट कंपनी को सौंपने की योजना थी, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव शामिल थे।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री देवरिया के सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों के लिए 305 करोड़ रुपये की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी परियोजना, जिसकी शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, पर समाजवादी पार्टी सरकार ने 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, फिर भी वह अधूरी रही। सीएम योगी ने इसे "प्रदेश के खजाने पर डकैती" की कोशिश बताया।
जेपीएनआईसी पर सपा की मंशा
योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "ये लोग सरकार के खजाने से 900-1000 करोड़ खर्च करके इस सेंटर को एक प्राइवेट कंपनी को देना चाहते थे।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस सेंटर में होटल, क्लब और जिम जैसी सुविधाएं बनाकर उसकी कमाई को निजी खाते में डालने की योजना थी। सीएम ने कहा कि 2017 में उनकी सरकार आने के बाद इस प्रोजेक्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया और अब खर्च हुए पैसे को भी सरकारी खजाने में वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है।
अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत हमले
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सपा के ‘बबुआ’ 12 बजे सोकर उठते हैं। इससे उनका दिमाग भारी रहता है और वह झुंझलाते हैं।" सीएम योगी ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया द्वारा सच्चाई उजागर करने पर अखिलेश यादव ने एक पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी। उन्होंने सपा को "लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह" बताते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 'देख सपाई-बिटिया घबराई' का नारा चलता था।
युवाओं के लिए नौकरियों का वादा
अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी मिलेगी, जिसमें 45 हजार होमगार्ड और 36 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे और जल्द ही शिक्षकों की भर्ती भी शुरू होगी। सरकार की ओर से दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट देने की योजना का भी उन्होंने जिक्र किया।
पुरानी सरकारों पर विफलता का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के कार्यों की तुलना पिछली सपा और कांग्रेस सरकारों से की। उन्होंने कहा कि पहले इंसेफेलाइटिस के कारण गोरखपुर और आस-पास के जिलों में हर साल हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी, लेकिन पिछली सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी 'डबल इंजन' सरकार ने इंसेफेलाइटिस को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है और अब प्रदेश में गरीब को मुफ्त राशन, आवास, बिजली और युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
इनपुट: IANS



