नौसेना प्रमुख: चीनी गतिविधियों पर नज़र, खतरे का सामना करने को तैयार नौसेना

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नौसेना दिवस में पूर्व भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने एक बड़ा ऐलान किया उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। हम चीन की हर हरकत पर बारीक नजर रखे हुए हैं। हम आतंकी घटनाओं से देश को सुरक्षित रखने के लिए काम किया जा रहा है।

साथ ही एडमिरल करमबीर सिंह ने रक्षा बजट में नौसेना के कम होते शेयर पर भी चिंता हाज़िर की है। नौसेना के शेयर में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। 2012 में 18 फीसदी था जो 2018 में घटकर 12 फीसदी हो गया जो काफी चिंता जनक बात है।

उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि समुद्री लुटेरों के खिलाफ अभियान के तहत भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती के 44 प्रयासों को विफल कर दिया और 120 लुटेरों को पकड़ा भी गया है। भारतीय नौसेना के 50 युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण चल रहा है, जिनमें से 48 भारतीय शिपयार्ड में ऑर्डर पर हैं,” उन्होंने कहा, भारतीय नौसेना के वर्तमान अधिग्रहण को विस्तृत करते हुए। सिंह ने कहा, “हम अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आतंकी समूहों (जैसे कि अल कायदा) से खतरा पैदा कर रहे हैं। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि तटरक्षक और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ नौसेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।”

सिंह ने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना पहले लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का समर्थन करने वाली थी और उन्होंने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन समुद्री बल ट्विन-इंजन डेक-आधारित विमान देना चाहता है। उन्होंने कहा कि यदि LCA तेजस नौसेना समय और आवश्यकताओं को पूरा करती है, तो बल इसे बेड़े में शामिल करेगा।

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उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के निर्माण पर टिप्पणी करते हुए कहा, “मेरी उम्मीद है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) को सभी निर्णयों को पूरा करने का अधिकार है। प्रधान मंत्री ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।