नेशनल हेराल्ड मामला: सोनिया और राहुल गांधी ने ED की याचिका को 'कानून का दुरुपयोग' बताते हुए खारिज करने की मांग की
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका को 'कानून की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल'…
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका को 'कानून की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल' बताते हुए इसे खारिज करने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गांधी परिवार ने अपने जवाब में कहा है कि डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 2013 में दायर की गई एक निजी शिकायत, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करने का कानूनी आधार नहीं हो सकती।
अपने हलफनामे में, सोनिया और राहुल गांधी ने तर्क दिया है कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो किसी 'निजी शिकायत' को ED की कार्रवाई का आधार मानता हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में PMLA के तहत मुकदमा चलाना कानून की स्थापित योजना के विपरीत होगा, क्योंकि इससे ED को बिना किसी ठोस जांच के एक निर्धारित अपराध की जांच का अधिकार मिल जाएगा।
ED की अपनी कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
गांधी परिवार ने ED के पुराने रुख का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एजेंसी का वर्षों से यही मानना रहा है कि किसी निर्धारित अपराध की FIR के बिना मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। जवाब में कहा गया है कि ED की 2014 से 2021 तक की आंतरिक टिप्पणियां, 2015 का एक तकनीकी सर्कुलर और FATF में दिए गए उसके अपने दस्तावेज़ भी यही दर्शाते हैं कि एजेंसी खुद FIR को आवश्यक मानती थी।
इसके अलावा, गांधी परिवार ने ED द्वारा निचली अदालत के 16 दिसंबर के आदेश को केवल 24 घंटे के भीतर हाई कोर्ट में चुनौती देने की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे मामलों में आंतरिक मंजूरी की आवश्यकता होती है, जिसमें समय लगता है।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि गांधी परिवार ने कांग्रेस के कुछ अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने का प्रयास किया गया। एजेएल, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक है, एक सार्वजनिक गैर-सूचीबद्ध कंपनी है।
इनपुट: IANS



