बुधवार, 23 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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संयुक्त राष्ट्र में डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: समझौता करें या 'नष्ट' होने को तैयार रहें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ईरान के सामने एक बेहद सख्त विकल्प रखा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को अपने भाषण में कहा कि ईरान के…

संयुक्त राष्ट्र में डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: समझौता करें या 'नष्ट' होने को तैयार रहें
(फोटो: IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ईरान के सामने एक बेहद सख्त विकल्प रखा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को अपने भाषण में कहा कि ईरान के पास दो ही रास्ते हैं — या तो वह वॉशिंगटन के साथ एक ऐसा समझौता करे जो उसके पुनर्निर्माण और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करे, या फिर उसे 'नष्ट' कर दिया जाएगा।

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ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि समझौते का एकमात्र विकल्प अमेरिका की ओर से और अधिक सैन्य कार्रवाई होगी। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा, “क्या मैं इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह से नष्ट कर दूं और वह भी जल्दी से, ताकि उन्हें फिर कभी लोगों और देशों को मारने और नष्ट करने का मौका न मिले?” उन्होंने आगे कहा, “क्या मैं उन्हें ऐसी नरक में धकेल दूं जहां उनके बचने की कोई संभावना न हो और भविष्य में महानता या पीढ़ियों की कोई उम्मीद न हो?”

समझौते की उम्मीद और आर्थिक अलगाव का आह्वान

इन कड़ी धमकियों के बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी अनुमान लगाया कि ईरान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद एक समझौते के लिए तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि हम चुनाव के तुरंत बाद समझौता कर लेंगे क्योंकि उनके ऐसा न करने का कोई मतलब नहीं है।” ट्रंप ने बताया कि ईरान मध्यावधि चुनावों में उनके प्रदर्शन का इंतजार कर रहा है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।

ट्रंप ने दुनिया के अन्य देशों से भी ईरान को तब तक 'पूर्ण आर्थिक अलगाव' में रखने का आह्वान किया, जब तक कि वह वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं कर देता, अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं छोड़ता और आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता।

सैन्य कार्रवाई और उसके परिणाम

राष्ट्रपति ने तेहरान पर परमाणु वार्ता के लिए बने युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने ईरान की नौसेना, वायु सेना, रडार सिस्टम और उसकी मिसाइल व ड्रोन बनाने की अधिकांश क्षमता को नष्ट कर दिया है। ट्रंप के मुताबिक, एकमात्र चीज़ जो बची है, वह है 300 प्रतिशत से अधिक की मुद्रास्फीति, जो ईरान को तबाह कर रही है।

उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिकी नौसेना द्वारा एक अरब बैरल से अधिक तेल की सुरक्षित ढुलाई का भी जिक्र किया। साथ ही, ट्रंप ने इस बात को खारिज कर दिया कि अमेरिका के पास हथियारों की कमी हो रही है, और कहा कि वाशिंगटन अभूतपूर्व गति से अपने भंडार को फिर से भर रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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