मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में गर्मी का प्रकोप, IMD ने दी हीटवेव की जानकारी
मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अक्टूबर महीने में ही लू जैसे हालात बन गए हैं। पिछले तीन दिनों से तापमान लगातार 38 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, जो सामान्य से लगभग 4.5 डिग्री ज्यादा है…
मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अक्टूबर महीने में ही लू जैसे हालात बन गए हैं। पिछले तीन दिनों से तापमान लगातार 38 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, जो सामान्य से लगभग 4.5 डिग्री ज्यादा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन क्षेत्रों में हीटवेव की पुष्टि की है, हालांकि इसे 'बॉर्डरलाइन' स्थिति बताया गया है।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि तटीय इलाकों के लिए हीटवेव की घोषणा तब की जाती है, जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो और सामान्य से अंतर 4.5 डिग्री या उससे अधिक हो। उन्होंने कहा, "अभी लगातार तीन दिन तापमान इसी तरह रहा है, आज भी खासकर सांताक्रूज में तापमान उसी स्तर पर पहुंचा है तो हीटवेव की स्थिति बिल्कुल है।"
क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?
बढ़ते तापमान के पीछे कई कारण बताए गए हैं। IMD के अनुसार, सितंबर में बहुत कम बारिश हुई और अक्टूबर में अब तक बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई है, जिससे तापमान नीचे नहीं आ पा रहा है। इसके अलावा, हवा के पैटर्न में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। निचले स्तर पर पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी हवाएं चलने से समुद्री हवा (Sea-breeze) ठीक से स्थापित नहीं हो पा रही है, जिससे मौसम में सूखापन बना हुआ है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
बिक्रम सिंह के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। पूर्वी हवाओं के मजबूत होने के कारण तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जब 'एल नीनो' का प्रभाव होता है, तो बारिश की गतिविधियां कम हो जाती हैं और तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका बढ़ जाती है, जैसा कि इस बार के पूर्वानुमान में भी कहा गया था।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह हीटवेव की स्थिति फिलहाल सिर्फ तटीय क्षेत्रों तक ही सीमित है। महाराष्ट्र के भीतरी (इंटीरियर) इलाकों में ऐसे हालात नहीं हैं, क्योंकि वहां हीटवेव के लिए न्यूनतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस होना जरूरी है।
इनपुट: IANS



