चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़े ठाकरे बंधु, शिवाजी पार्क में MNS-शिवसेना का साझा प्रदर्शन
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ठाकरे बंधु एक साथ नज़र आ रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने…
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ठाकरे बंधु एक साथ नज़र आ रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मुंबई के शिवाजी पार्क में लगातार दूसरे दिन संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों दलों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम मनमाने ढंग से हटाए गए हैं।
सोमवार को हुए इस प्रदर्शन में दोनों दलों ने अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराया। एक ओर जहां शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर और हाथों में तिरंगा लेकर मौन प्रदर्शन किया, वहीं मनसे ने एक बड़े हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। यह मौन प्रदर्शन पिछले दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में था।
एक साथ दिखे आदित्य और अमित ठाकरे
इस संयुक्त अभियान की खास बात यह रही कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और मनसे के युवा नेता अमित ठाकरे एक साथ मंच पर दिखाई दिए, जिसने दोनों दलों की एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया। मनसे के हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ खुद पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने सबसे पहले हस्ताक्षर करके किया। उनके बाद पत्नी शर्मिला, बेटी उर्वशी और बेटे अमित ठाकरे ने भी हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ रहे हैं। मौजूदा सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि यह सरकार भी वोट चोरी और चुनावी हेरफेर के जरिए बनी है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश के नागरिकों की लड़ाई है और न्याय मिलने तक जारी रहेगी।
आंदोलन तेज करने के संकेत
इस विरोध प्रदर्शन में दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से आदित्य और तेजस ठाकरे के साथ अनिल परब, महेश सावंत, विलास पोटनिस और नितिन देशमुख मौजूद थे। वहीं, मनसे की ओर से पूरा ठाकरे परिवार यानी राज, शर्मिला, अमित और उर्वशी ठाकरे के साथ अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। मनसे ने अब अपने हस्ताक्षर अभियान को राज्य के अन्य रेलवे स्टेशनों और प्रमुख स्थानों तक फैलाने की योजना बनाई है, जिससे संकेत मिलता है कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
इनपुट: IANS



