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महाराष्ट्र: MPSC भर्ती विवाद पर सरकार का बड़ा फैसला, जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी समिति

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर पुणे में जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने आयोग से जुड़े मामलों…

महाराष्ट्र: MPSC भर्ती विवाद पर सरकार का बड़ा फैसला, जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी समिति
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर पुणे में जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने आयोग से जुड़े मामलों की जांच और सुधारों पर सुझाव देने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे, जबकि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे को इसका सचिव नियुक्त किया गया है।

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राज्य मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने रविवार को पुणे में एसएम जोशी पुल पर पिछले 10 दिनों से प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों से मुलाकात कर समिति के गठन की घोषणा की। इस फैसले को आंदोलनकारी छात्रों की मांगों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

जांच समिति की संरचना और कार्य

सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली इस समिति में तुकाराम मुंडे के अलावा लक्ष्मी गौतम, गणेश पाटील और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी. डी. नाइक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति से MPSC की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों पर विचार करने की अपेक्षा की गई है। इस बीच, यह भी खबर है कि जांच पूरी होने तक MPSC के अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर चले गए हैं।

क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की मांगें?

प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार सिर्फ आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार तक ही सीमित नहीं हैं, उनकी कई अन्य प्रमुख मांगें भी हैं। इनमें आंदोलन में शामिल कुछ प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेना, अगले तीन वर्षों में 70,000 पदों पर भर्ती करना और जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-सी परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार यह भी चाहते हैं कि भविष्य में MPSC के अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की पूरी जांच सुनिश्चित की जाए। हालांकि, आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की मांग पर सरकार का रुख अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आश्वासन

आंदोलन का समर्थन कर रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पाटील ने समिति में तुकाराम मुंडे को शामिल करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिति को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका दिया जाएगा। वहीं, राज्य मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी अन्य मांगों पर भी सरकार ध्यान देगी।

इनपुट: IANS

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News4Social महाराष्ट्र डेस्क

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