छत्तीसगढ़: सुकमा के जंगलों में नक्सलियों का बड़ा ज़खीरा बरामद, 13 हथियार और 208 डेटोनेटर ज़ब्त
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में एक अहम कामयाबी हासिल की है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर, सोमवार को एक संयुक्त टीम ने जंगल में…
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में एक अहम कामयाबी हासिल की है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर, सोमवार को एक संयुक्त टीम ने जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा ज़खीरा बरामद किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई से नक्सलियों की कमर तोड़ने में बड़ी मदद मिल सकती है।
यह ऑपरेशन सुकमा के पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह के मार्गदर्शन में चलाया गया। खुफिया इनपुट के बाद जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की एक संयुक्त टीम को किस्टाराम थाना क्षेत्र के पालाचलमा गांव के पहाड़ी-जंगली इलाके में तलाशी के लिए भेजा गया था।
तलाशी में क्या-क्या मिला?
सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को एक नक्सली डंप मिला, जहाँ से भारी मात्रा में सामग्री ज़ब्त की गई। बरामद सामानों में कुल 13 हथियार शामिल हैं, जिनमें 2 नग .303 राइफल, 4 बीजीएल लॉन्चर, 3 नग 12 बोर राइफल, 2 भरमार बंदूकें और एक देसी कट्टा है।
इसके अलावा, टीम ने 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, इंसास और 12 बोर के कुल 46 जिंदा कारतूस, एक वायरलेस सेट, तीर बम और बीजीएल सेल भी बरामद किए। पुलिस ने इन सभी हथियारों और विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सुकमा पुलिस के मुताबिक, जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर जंगलों में छिपे ज़खीरों को खत्म करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इनपुट: IANS



