मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
गुजरात

वापी: दमन-गंगा नदी पर बनेगा ₹159.5 करोड़ का बैराज, सिंचाई से लेकर शहरी विकास तक होंगे कई फायदे

गुजरात के वलसाड जिले में जल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने वापी के पास दमन-गंगा नदी पर 159.50 करोड़ रुपये की लागत से एक बैराज बनाने की घोषणा की है…

वापी: दमन-गंगा नदी पर बनेगा ₹159.5 करोड़ का बैराज, सिंचाई से लेकर शहरी विकास तक होंगे कई फायदे
(फोटो: IANS)

गुजरात के वलसाड जिले में जल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने वापी के पास दमन-गंगा नदी पर 159.50 करोड़ रुपये की लागत से एक बैराज बनाने की घोषणा की है। इस परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ सिंचाई और भूजल स्तर में सुधार करना है, बल्कि इससे वापी शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी पानी की उपलब्धता में बड़ा लाभ मिलेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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यह बैराज वापी तालुका के नामधा गांव के पास बनाया जाएगा, जो मौजूदा वापी वियर से लगभग तीन किलोमीटर नीचे की ओर स्थित है। इस इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट के तहत 5.49 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) की भंडारण क्षमता वाला जलाशय तैयार होगा, जिसका कैचमेंट एरिया 2,250.73 वर्ग किलोमीटर होगा।

कृषि और सिंचाई को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना से सीधे तौर पर छह गांवों—नामधा, चंदोर, मोहन, एकलाहारे, नहुली और जांबुरी—के किसानों को फायदा पहुंचेगा। बैराज में जमा पानी को लिफ्ट सिंचाई (प्रेशराइज्ड सिंचाई सहित) के जरिए 549 हेक्टेयर कृषि भूमि तक पहुंचाया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से किसान असिंचित भूमि पर भी खेती कर सकेंगे और साल में दो या उससे ज्यादा फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ा पाएंगे। इससे क्षेत्र में मौसमी पलायन को कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है।

उद्योग और शहरी क्षेत्र की जरूरतें होंगी पूरी

यह बैराज सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वापी और आसपास के औद्योगिक व नगरपालिका क्षेत्रों की पानी की जरूरतों को भी पूरा करेगा। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वापी वियर से गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) के वापी एस्टेट को 19 MCM, जल आपूर्ति के लिए 7.30 MCM और वापी नगर निगम को 6 MCM पानी दिया गया, जिससे कुल 69.15 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। अधिकारियों का मानना है कि नए बैराज से अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता पैदा होगी, जिससे गैर-कृषि उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति बढ़ेगी और नगर निकाय का राजस्व भी बढ़ेगा।

भूजल सुधार और पर्यावरण संरक्षण

परियोजना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य भूजल स्तर को सुधारना भी है। बैराज के बनने से इसके ऊपरी हिस्से में लगभग 3.5 किलोमीटर तक पानी जमा होगा, जिससे वापी शहर के ट्यूबवेल को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह ज्वारभाटे के पानी को नियंत्रित करेगा और नदी के तल में खारेपन को बढ़ने से रोकेगा। इससे भूजल की गुणवत्ता में सुधार होने की भी उम्मीद है।

वापी शहर के लिए शहरी विकास की योजना

लगभग 2.3 लाख की आबादी वाले वापी शहर को इस परियोजना से कई शहरी फायदे मिलने की उम्मीद है। इनमें पीने के पानी की बेहतर उपलब्धता के साथ-साथ रिवर फ्रंट का विकास, पार्क और बोटिंग जैसी मनोरंजक सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, नदी के पार एक नया रोड कॉरिडोर बनाने की भी योजना है, जिससे शहरी यातायात सुगम होगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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