कृषि विकास में गुजरात के तीन जिलों को राष्ट्रीय सम्मान, कच्छ, दाहोद और छोटा उदयपुर सम्मानित
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत गुजरात के तीन जिलों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कच्छ, दाहोद और छोटा उदयपुर जिलों को…
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत गुजरात के तीन जिलों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कच्छ, दाहोद और छोटा उदयपुर जिलों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुरस्कृत किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सम्मान योजना के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिया गया।
इन पुरस्कारों ने विशेष रूप से आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई के महत्व को रेखांकित किया है। राज्य सरकार का मानना है कि जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के प्रयासों से कृषि उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
किस जिले को क्यों मिला सम्मान?
तीनों जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। कच्छ जिले को बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार मिला। वहीं, आदिवासी बहुल दाहोद और छोटा उदयपुर जिलों को सिंचाई के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार करने के लिए सम्मानित किया गया।
क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?
इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अक्टूबर 2023 को की थी, जिसका कुल बजट 24,000 करोड़ रुपए है। IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, इसका उद्देश्य देश के उन 100 कृषि आकांक्षी जिलों को लक्षित करना है जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन वे उत्पादकता और आर्थिक विकास में पीछे हैं। गुजरात के चार जिले—कच्छ, दाहोद, छोटा उदयपुर और पंचमहल—इस योजना में शामिल हैं।
योजना के पहले ही वर्ष में गुजरात के तीन जिलों का राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत होना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। देशभर के कुल 18 जिलों को योजना के छह प्रमुख उद्देश्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इनपुट: IANS



