शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा, सूरत में 13 लाख की ठगी के आरोप में केरल की महिला गिरफ्तार
गुजरात के सूरत में ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत शहर की साइबर क्राइम शाखा ने केरल की एक 46 वर्षीय महिला को 13.10 लाख रुपये की…
गुजरात के सूरत में ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत शहर की साइबर क्राइम शाखा ने केरल की एक 46 वर्षीय महिला को 13.10 लाख रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़ित को शेयर ट्रेडिंग में 5% से ज़्यादा रिटर्न का लालच देकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान सलीना थाडियान के रूप में की है। आरोप है कि सलीना ने अपने बेटे के साथ मिलकर एक फर्म बनाई और उसके नाम पर फेडरल बैंक में एक ज्वाइंट करेंट अकाउंट खुलवाया। इस खाते को एक अन्य फरार आरोपी को अवैध रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी, जिसके बदले उसे 3% कमीशन मिलता था।
ऐसे दिया धोखाधड़ी को अंजाम
शिकायत के अनुसार, ठगों ने एक योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को अपना निशाना बनाया। उन्होंने सबसे पहले पीड़ित को एक मैसेजिंग ऐप ग्रुप में जोड़ा और फिर अपनी कथित कंपनी के जरिए शेयर खरीदने के लिए उकसाया, जिसमें भारी मुनाफे का वादा किया गया था। इसके बाद, आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजकर पीड़ित का खाता बनवाया। इस वेबसाइट का इस्तेमाल यह भ्रम पैदा करने के लिए किया गया कि पीड़ित को शेयर ट्रेडिंग से बहुत ज़्यादा मुनाफा हो रहा है।
फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
आरोपियों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नाम से जाली दस्तावेज़ भी दिखाए, जिसमें 27 जुलाई, 2026 की तारीख वाला एक लेटरहेड भी शामिल था। इन झांसों में आकर पीड़ित ने बताए गए खातों में कुल 13.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो रकम जारी नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।
देशभर में 12 शिकायतें, 33 लाख की धोखाधड़ी
जब पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए इस बैंक खाते की जांच की, तो कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 12 शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में चार FIR पहले से ही दर्ज थीं। जांच में पता चला कि इस खाते में साइबर धोखाधड़ी के संदिग्ध 33.40 लाख रुपये जमा किए गए थे, जबकि 9 जनवरी से 29 जुलाई के बीच खाते में कुल 39.70 लाख रुपये का लेन-देन हुआ था।
इनपुट: IANS



