शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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MSME को पेमेंट में देरी खत्म होगी, विवाद निपटारे के लिए लोकसभा में नया कानून पास

छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को भुगतान में होने वाली देरी की बड़ी समस्या से निपटने के लिए एक अहम कानून लोकसभा से भी पारित हो गया है। शुक्रवार को सदन ने 'सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन)…

MSME को पेमेंट में देरी खत्म होगी, विवाद निपटारे के लिए लोकसभा में नया कानून पास
(फोटो: IANS)

छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को भुगतान में होने वाली देरी की बड़ी समस्या से निपटने के लिए एक अहम कानून लोकसभा से भी पारित हो गया है। शुक्रवार को सदन ने 'सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विधेयक राज्यसभा से पहले ही पास हो चुका है, जिसका मुख्य उद्देश्य MSME सेक्टर के लिए पैसों के लेनदेन को आसान बनाना और विवादों का तेजी से निपटारा करना है।

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इस कानून के तहत अब सभी केंद्रीय सरकारी कंपनियों (PSUs) के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे छोटे और मझोले उद्यमों से की गई किसी भी खरीद का भुगतान 'ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम' (TReDS) के माध्यम से करें। यह कदम भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए उठाया गया है।

विवाद सुलझाने की नई समय-सीमा

विधेयक में विवादों के निपटारे के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। अगर किसी मामले में आपसी सुलह (मध्यस्थता) नाकाम हो जाती है, तो उसके 30 दिनों के भीतर मामले को मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) के लिए भेजना होगा। इसके बाद, दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के 90 दिनों के अंदर फैसला सुनाना अनिवार्य होगा।

एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि कोई मामला छह महीने से ज़्यादा समय तक खिंच जाता है, तो आपूर्तिकर्ता MSME को विवादित रकम का कम से कम 50% हिस्सा तुरंत भुगतान करना होगा।

कर सुधारों से जुड़ा विधेयक भी पारित

इससे पहले गुरुवार को लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बावजूद ध्वनि मत से 'कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी मंजूरी दी थी। यह विधेयक 'आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026' की जगह लेगा। इसका लक्ष्य निवेश को बढ़ावा देना, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सहारा देना और कर प्रणाली में स्थिरता लाना है। इस कानून के ज़रिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन किए जाएँगे।

MSME के लिए अन्य सरकारी प्रयास

उल्लेखनीय है कि इस हफ्ते की शुरुआत में सरकार ने बताया था कि MSME मंत्रालय की 'सस्टेनेबल ज़ीरो डिफेक्ट ज़ीरो इफेक्ट' (ZED) सर्टिफिकेशन योजना के तहत अब तक करीब 9.49 लाख MSME पंजीकरण करा चुके हैं। केंद्र सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके स्वामित्व वाले MSME को इस सर्टिफिकेशन पर 100% सब्सिडी भी दे रही है।

इनपुट: IANS

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