शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

भारत-चीन सीमा विवाद: दिल्ली में हुई अहम बैठक, शांति बहाली और सीमा प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा

भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के प्रयासों के तहत 6 अगस्त को नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और…

भारत-चीन सीमा विवाद: दिल्ली में हुई अहम बैठक, शांति बहाली और सीमा प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा
(फोटो: IANS)

भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के प्रयासों के तहत 6 अगस्त को नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक थी, जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मौजूदा हालात की समीक्षा की गई।

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बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के सीमा और महासागरीय मामलों के विभाग की महानिदेशक होउ यांकी ने किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

बातचीत के मुख्य बिंदु

इस बैठक में सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र-निर्माण और सीमा-पार सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देश बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने और LAC पर किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य चैनलों का उपयोग जारी रखने पर सहमत हुए। इनमें WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और अन्य स्थापित प्रक्रियाएं शामिल हैं। यह बातचीत 24वीं विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता के नतीजों पर आधारित थी।

सीमा-पार नदियों का मुद्दा

भारतीय पक्ष ने बैठक के दौरान सीमा-पार बहने वाली नदियों के मुद्दे को भी उठाया। भारत ने इस विषय पर विशेषज्ञ स्तर के तंत्र (Expert Level Mechanism) की अगली बैठक जल्द से जल्द बुलाने की आवश्यकता दोहराई। साथ ही, चीन द्वारा अपनी सीमा में नदियों के ऊपरी हिस्से (upstream) में चल रही परियोजनाओं पर तकनीकी विवरण साझा करने के महत्व पर भी जोर दिया।

द्विपक्षीय संबंधों पर सरकार का पक्ष

इससे पहले 4 अगस्त को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंध बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा और नागरिक उड्डयन संपर्क (civil aviation connectivity) को फिर से शुरू करने का उदाहरण देते हुए विश्वास जताया था कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंध और मजबूत होंगे। जायसवाल चीनी सोशल मीडिया पर भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक सामग्री को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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