डॉक्टरों से मारपीट: शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बॉम्बे हाईकोर्ट से सशर्त जमानत, केस फास्ट-ट्रैक कोर्ट में
डोंबिवली के एक अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों से कथित मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। शुक्रवार को कड़े शर्तों के साथ यह…
डोंबिवली के एक अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों से कथित मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। शुक्रवार को कड़े शर्तों के साथ यह जमानत मंजूर की गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए इसकी सुनवाई के लिए एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट को सौंप दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान एक जनप्रतिनिधि के ऐसे आचरण पर गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने कहा, "चुना हुआ प्रतिनिधि जनता का प्रतिनिधि होता है। यह एक गंभीर मामला है, जब कोई चुना हुआ प्रतिनिधि जनता की सेवा करने वाले कर्मचारियों पर हमला करता है।"
सुनवाई में तेजी लाने के सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को सात दिनों के अंदर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए एक जज नियुक्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, वॉयस सैंपल की जांच कर राज्य की फोरेंसिक लैब को 15 कार्य दिवसों में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
न्यायालय ने यह भी साफ किया कि 10 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए और उसके पांच कार्य दिवस बाद आरोप तय कर दिए जाएं। मामले की पैरवी के लिए एक अनुभवी स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का भी आदेश दिया गया है, जिसे अदालत की अनुमति के बिना नहीं बदला जा सकेगा।
क्या था पूरा मामला?
रमेश म्हात्रे को पिछले महीने 6 जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 14 जुलाई को उन्हें निचली अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए 18 जुलाई को जमानत पर रोक लगा दी थी। इसके बाद म्हात्रे ने आत्मसमर्पण कर दिया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब उन्हें दोबारा जमानत मिल गई है, लेकिन चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही वे महाराष्ट्र लौट सकेंगे।
इनपुट: IANS



